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खालसा पंथ की स्थापना ने लोगों में साहस और बलिदान की भावना पैदा की: Chief Minister Naib Singh Saini

On: April 14, 2025 1:35 PM
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Chief Minister Naib Singh Saini
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चंडीगढ़। हरियाणा के Chief Minister Naib Singh Saini ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल, 1699 को खालसा पंथ की स्थापना करके लोगों में साहस और बलिदान के साथ जीने की भावना पैदा की। उन्होंने वीरता और वीर भावना को आध्यात्मिक सोच के साथ जोड़कर समाज को एक नई दिशा दी।

प्रत्येक घर-परिवार को नशे से बचाकर हरियाणा को नशा मुक्त बनाने का संकल्प : Chief Minister Naib Singh Saini

Chief Minister Naib Singh Saini आज वैसाखी के अवसर पर गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 स्थित गुरुद्वारा में साध संगत को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और सभी को इस पावन दिन की बधाई दी।

Chief Minister Naib Singh Saini ने कहा कि वैसाखी एक बहुत ही सुंदर त्योहार है, जिसे पूरे उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। वैसाखी का त्यौहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। खरीफ की फसल पकने की खुशी का प्रतीक होने के कारण यह त्यौहार किसानों के लिए बहुत महत्व रखता है।

Chief Minister Naib Singh Saini गुरु गोबिंद सिंह जी ने अन्याय और अत्याचार से लड़ने के लिए वैसाखी के दिन 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की 

नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अन्याय और अत्याचार से लड़ने के लिए वैसाखी के दिन 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उस समय देश पर मुगलों का शासन था। वे लोगों पर भयंकर अत्याचार कर रहे थे और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था।

समाज जाति और धर्म के आधार पर बंटा हुआ था। उस समय श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने ऐसा चमत्कार किया जो कोई साधारण मनुष्य नहीं कर सकता था। उन्होंने लोगों को अपने धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए हर तरह का त्याग करने के लिए प्रेरित किया।

Chief Minister Naib Singh Saini ने कहा कि खालसा पंथ की नींव रखते समय श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने देश की पांच अलग-अलग जातियों और पांच अलग-अलग क्षेत्रों से पंच प्यारों को शामिल किया था। फिर उन्होंने सभी को एक ही बर्तन से अमृत पिलाकर भेदभाव को समाप्त किया। उन्होंने कभी भी भाषा, जाति और धर्म के आधार पर मनुष्यों के बीच भेदभाव को स्वीकार नहीं किया।

मानवता की रक्षा के लिए पीढ़ियां कुर्बान हुईं
गुरु गोबिंद सिंह जी स्वयं, उनके पिता श्री गुरु तेग बहादुर जी, माता गुजरी जी और उनके चार पुत्र मानवता की रक्षा करते हुए शहीद हुए। इस प्रकार एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के बलिदान का उदाहरण विश्व के इतिहास में बहुत कम मिलता है।

Chief Minister Naib Singh Saini ने कहा कि हमारे इतिहास की कई घटनाएं वैसाखी के त्यौहार से भी जुड़ी हुई हैं। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने शांतिप्रिय नागरिकों की निर्मम गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड ने स्वतंत्रता सेनानियों को ब्रिटिश सरकार से बदला लेने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध बना दिया, जिसके कारण 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश जलियांवाला बाग के महान शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने हरियाणा की जनता और हरियाणा सरकार की ओर से जलियांवाला बाग के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कुरुक्षेत्र में बनेगा सिख संग्रहालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व तथा वर्ष 2017 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। वर्ष 2022 में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाया गया और पानीपत की ऐतिहासिक धरती पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया।

Chief Minister Naib Singh Saini ने कहा कि कुरुक्षेत्र में 4 एकड़ क्षेत्र में सिख संग्रहालय स्थापित किया जाएगा, ताकि सिख समुदाय अपने इतिहास से जुड़ा रह सके तथा आने वाली पीढ़ियों को हमारे गुरुओं के महान बलिदानों के बारे में जानकारी मिल सके।

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