जयपुर,। Chief Minister Bhajanlal Sharma के कुशल नेतृत्व में खान विभाग ने मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राजस्थान पूरे देश में मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में पहले पायदान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2016 में अधिसूचित किए गए प्रावधानों से अब तक पूरे देश में प्रधान खनिज के 500 ब्लॉक आवंटित हुए हैं, इनमें से राजस्थान में ही देश के 20 प्रतिशत से अधिक यानी 103 ब्लॉक आवंटित हुए है।
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वहीं, Chief Minister Bhajanlal Sharma सरकार के गत 18 माह के अल्प कार्यकाल में ही 64 ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है। इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार सभी ब्लॉक्स के शीघ्र परिचालन के लिए तत्परता से कार्य कर रही है ताकि प्रदेश में निवेश और राजस्व की वृद्धि अधिक से अधिक हो सके।
अवैध खनन पर सख्ती, वैध खनन को प्रोत्साहन Chief Minister Bhajanlal Sharma
राज्य सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा की मंशानुसार खान विभाग ने एक्सप्लोरेशन, डेलिनियेशन, ब्लॉक निर्माण और पारदर्शी ऑक्शन की प्रभावी योजना पर कार्य किया है। जिसके अंतर्गत मिनरल ब्लॉक्स के निस्तारण के संबंध में त्वरित निर्णय लिए जा रहे है।
Chief Minister Bhajanlal Sharma सरकार के गठन के तीन माह के भीतर ही (मार्च 2024 तक) 15 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से कर दी गई। वहीं, वर्ष 2024-25 में अकेले 34 ब्लॉकों की नीलामी कर एक नया कीर्तिमान हासिल किया गया।
खान विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में जुलाई तक 15 ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है और 12 ब्लॉकों की प्रक्रिया जारी है। वहीं, खान विभाग ने रॉयल्टी राजस्व में एक नया रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2024-25 में रॉयल्टी राजस्व 9 हजार 228 करोड़ रहा है, जो गत वर्ष से 24 प्रतिशत अधिक है।
पोस्ट-ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल का गठन
नीलाम किए गए ब्लॉकों को जल्द परिचालन में लाने की दिशा में राज्य सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है ताकि निवेश, रोजगार और राजस्व में ज्यादा से ज्यादा वृद्धि हो सके। खान विभाग ने जुलाई माह में राजस्व, वन एवं पर्यावरण, भारतीय खान ब्यूरो और स्टेट एनवायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट ऑथोरिटी (सिया) सहित संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाकर खनिज ब्लॉकों और प्लॉटों के परिचालन को गति देने की अभिनव पहल की है।
साथ ही, विभाग ने आगामी नवंबर-दिसंबर तक 10 नई खानों को परिचालन में लाने की रणनीति भी बना ली है। प्रशासनिक अनुमतियों को तेजी से निस्तारित करने के लिए पोस्ट-ऑक्शन फेसिलिटेशन

