रायपुर : Chhattisgarh में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य की गिरफ्तारी तथा अडानी समूह को कथितरूप से जंगल सौंपे जाने के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी चक्का जाम कर आर्थिक नाकेबंदी की जिसमें श्री बघेल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री टीपी सिंहदेव सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
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Chhattisgarh प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चैतन्य के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में सभी 33 जिलों में चक्का जाम किया। श्री बघेल ने राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 56 में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया जबकि बस्तर में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस.सिंहदेव तथा पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अंबिकापुर में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
श्री महंत ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता एक होकर भाजपा के कुशासन का जवाब देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जल,जंगल ज़मीन की दुश्मन है और जिनके कंधे जल जंगल जमीन को बचाने की जिम्मेदारी है वो इसे उजाड़ने में लगे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अडानी समूह द्वारा रातों-रात 200 से 300 एकड़ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की गई, जिससे ग्रामीणों की भावनाओं और पर्यावरणीय संतुलन को नजरअंदाज किया गया है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस सिंहदेव ने कहा, “यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि तंत्र के दुरुपयोग और पर्यावरणीय विनाश के खिलाफ है। चैतन्य बघेल और रॉबर्ट वाड्रा दोनों पर ईडी की कार्रवाई हुई है, लेकिन असली मुद्दा है निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई पेड़ कटाई।”
Chhattisgarh प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चैतन्य के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में सभी 33 जिलों में चक्का जाम किया
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अडानी-अंबानी के खिलाफ आवाज उठाई थी, और यही कारण है कि भाजपा के इशारे पर उनके बेटे की गिरफ्तारी की गई है। कांग्रेस डरने वाली नहीं है।”

