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Badaun News: (दोहरा हत्याकांड) मूसाझाग इंस्पेक्टर व दरोगा को हटाने के लिए सीओ ने दी थी रिपोर्ट, एसएसपी ने नहीं की कार्रवाई

On: March 14, 2026 6:42 PM
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Badaun News: (दोहरा हत्याकांड) मूसाझाग इंस्पेक्टर व दरोगा को हटाने के लिए सीओ ने दी थी रिपोर्ट, एसएसपी ने नहीं की कार्रवाई

बदायूं।एचपीसीएल प्लांट के अफसरों की शिकायत पर आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ मूसाझाग पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की।लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद ये अफसर सीओ उझानी से मिले।सीओ ने करीब दस दिन पहले मूसाझाग थाने के इंस्पेक्टर व विवेचक के बारे में रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को सौंपकर इनकी लापरवाही की बात बताई थी।इसके बाद दोनों को थाने से हटाने के लिए एसएसपी के स्तर पर मामला लटका हुआ था।दोनों के खिलाफ सीओ की इसी रिपोर्ट पर निलंबन की कार्रवाई तब हुई, जब दोनों अधिकारियों की हत्या हो गई।
चार फरवरी को हुए हमले की रिपोर्ट थाने वालों ने दर्ज नहीं की थी।बाद में जब हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा अपने साथ हुई घटना के बारे में सीओ से मिले तो मामला दर्ज हो सका था। इसके बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ थाना प्रभारी मूसाझाग अजय कुमार ने जब कार्रवाई नहीं की तो सुधीर गुप्ता व हर्षित सीओ उझानी के साथ ही डीएम व एसएसपी से मिले थे।इसके बाद भी इंस्पेक्टर व विवेचक ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो सीओ ने दोनों को थाने से हटाने की रिपोर्ट बीते दो मार्च को एसएसपी को दे दी थी।इसके बाद विवेचक से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई जिसे देने में आनाकानी व लापरवाही होना पाया गया।इस बीच जब सख्ती बढ़ी तो विवेचक एसआई धर्मेद्र कुमार ने बीते दो मार्च से 12 मार्च तक इस मामले में चार पर्चे काटे, साथ ही आरोपी की थाने से जमानत के लिए भी प्रपत्र भरवाकर कार्रवाई के नाम पर खानापूरी कर दी गई।

मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई। सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्लांट अधिकारियों की तरफ से पहले दर्ज कराए गए केस में धारा ऐसी नहीं थीं जिसमें आरोपी को जेल भेजा जा सकता था। लेकिन विवेचना और कार्रवाई में देरी इंस्पेक्टर व विवेचक के स्तर से करने की बात उजागर हुई है।इसी शहर के कारण अजय के हौसले इतने बढ़े कि उसने दोबारा हमला कर दोनों अधिकारियों की जान ले ली।
सीओ उझानी की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि थाना प्रभारी व विवेचक ने आरोपी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की। सीओ की रिपोर्ट का परीक्षण कराया जाना था, उससे पहले ही हत्या की घटना हो गई। -डॉ बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी

आरोपी को प्राप्त है सत्तापक्ष का सरंक्षण:- क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि आरोपी अजय प्रताप सिंह का परिवार राजनीतिक वर्चस्व वाला है।उसके परिवार के लोग प्रधानी व कोटेदारी करने के साथ जिला पंचायत में भी सदस्य के रूप में दखल रखते थे।ऐसे में अजय सत्तापक्ष के नेताओं का करीबी बन गया था।यही कारण रहा कि पुलिस ने अजय पर काेई कार्रवाई नहीं की और उसे खुला सरंक्षण दिया गया, जिसके चलते उसने दो सरकारी अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी।

आरोपी की दहशत से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं:- आरोपी और उसके परिवार की इतनी दहशत है कि सैजनी समेत दातागंज तहसील क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोग उनके बारे में खुलकर बोलने से कतरा रहे है। समर इंडिया न्यूज की टीम ने शुक्रवार को क्षेत्र का भ्रमण कर सैजनी, मूसाझाग, सराय पिपरिया, डहरपुर, आमगांव, वरसुनिया आदि जगहों पर पहुंची। वहां मिले काफी लोगों ने सीधे कुछ बताने से इंकार किया।नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी का क्षेत्र में काफी दबदबा है।उनका परिवार भी बड़ा है और सत्तापक्ष का करीबी है।ऐसे में उनके खिलाफ बोलकर किसी को खुद की गर्दन नहीं फंसानी है।हालांकि उसकी आपराधिक प्रवृत्ति के बारे में कई लोगों ने जानकारी जरूर दी।

अजय ने जमीन खरीद में निभाई थी अहम भूमिका:- सैजनी गांव के पास जहां यह प्लांट लगा है, वहां काफी दूर तक आबादी नहीं है।प्लांट के लिए खरीदी गई जमीन के सौदे में आरोपी अजय की कंपनी और किसानों के बीच अहम कड़ी था।जमीन की कीमत तय कराने से लेकर अन्य निर्णयों में उसकी भूमिका थी।प्लांट की स्थापना से पहले से जुड़े होने के कारण उसे हर गतिविधि और तकनीकी पहलुओं की जानकारी थी।यही कारण है कि समय बीतने के साथ ही प्लांट के ज्यादातर कामों में उसने अपने नजदीकियों को शामिल कर लिया।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

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