अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Badaun News:बदायूं में टला बड़ा हादसा: प्रा.विद्यालय में खाना बनाते समय सिलेंडर में लगी भयंकर आग 

On: March 6, 2026 7:32 PM
Follow Us:
Badaun News
---Advertisement---

Badaun News:बदायूं | सिटी एवं एजुकेशन डेस्क उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से शुक्रवार को शिक्षा विभाग की एक बहुत बड़ी और जानलेवा लापरवाही उजागर हुई है। कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम लभारी स्थित प्राथमिक विद्यालय (Primary School) में बच्चों का खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक भयंकर आग लग गई।

आग लगते ही स्कूल में भारी चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। गनीमत यह रही कि ग्रामीणों और स्टाफ की सूझबूझ से समय रहते सभी बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्थाओं और शिक्षा विभाग के दावों की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी है।

कैसे हुआ हादसा और मची चीख-पुकार?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लभारी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कुल 280 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से शुक्रवार को 61 बच्चे स्कूल पहुंचे थे।

  • रसोई में भड़की आग: हादसा उस समय हुआ जब रसोई घर में रसोइया बच्चों के लिए खाना (मिड-डे मील) बना रही थीं। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली।

  • मची भगदड़: देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें देखकर मासूम बच्चे दहशत में आ गए और चीखने-चिल्लाने लगे।

  • ग्रामीण बने देवदूत: बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर स्कूल पहुंचे और स्टाफ के साथ मिलकर तेजी से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। किसी ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया।

शिक्षा विभाग की खुली पोल: जंग खा रहे थे अग्निशमन उपकरण

इस हादसे का सबसे खौफनाक और शर्मनाक पहलू स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था रही:

  • ‘शोपीस’ बने फायर सिलेंडर: स्कूलों में आग बुझाने के उपकरण (Fire Extinguishers) इसलिए लगाए जाते हैं ताकि आपात स्थिति में बच्चों की जान बचाई जा सके। लेकिन लभारी स्कूल में ये उपकरण सिर्फ ‘शोपीस’ (दिखावा) बनकर टंगे थे।

  • किसी को चलाना नहीं आता: जब आग लगी तो स्टाफ को ये उपकरण चलाने ही नहीं आए। हद तो तब हो गई जब मौके पर पहुंची पुलिस ने आग बुझाने के लिए इन सिलेंडरों को चलाना चाहा, तो वे सब खराब निकले। उन पर जंग लगी हुई थी, जो साफ दर्शाता है कि उनकी कभी मेंटेनेंस या चेकिंग नहीं की गई।

हादसे के वक्त नदारद थीं प्रधानाचार्या

लापरवाही का आलम यहीं खत्म नहीं हुआ। स्कूल में कुल 7 लोगों का स्टाफ है। घटना के समय अन्य अध्यापक और शिक्षामित्र तो मौजूद थे, लेकिन स्कूल की प्रधानाचार्या सुबह 11 बजे तक स्कूल नहीं पहुंची थीं। जब आग लगने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें फोन पर सूचना दी, तो उनका रटा-रटाया जवाब था कि “मैं एक मीटिंग में गई हूँ।”

बीएसए ने दिए जांच के सख्त आदेश

इस पूरे घटनाक्रम और स्कूल प्रशासन की भारी लापरवाही पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) वीरेंद्र सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है।

  • BSA का बयान: वीरेंद्र सिंह ने कहा, “जानकारी मिली है कि खाना बनाते समय सिलेंडर में आग लग गई थी। स्कूल में आग बुझाने के उपकरण खराब मिलने का मामला बेहद गंभीर है। इसकी तत्काल जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”

भले ही आज मासूम बच्चों की जान बच गई हो, लेकिन इस घटना ने सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है कि आखिर नौनिहालों की जान के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलेगा?

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!