चाकू से घायल युवक की मौत के बाद परिजनों ने किया हाईवे मार्ग जाम,
बोले- पुलिस नहीं कर रही नामजदों की गिरफ्तार,
एक अगस्त की रात को युवक पर किया गया था प्राण घातक हमला,
उपचार के दौरान युवक की हो गई मौत,

बदायूं : – नगर में कहासुनी के चलते हुए विवाद में चाकू से घायल किए गए युवक की आज दोपहर बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
बौखलाए परिजनों ने शहर की छ सड़क पर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस नामजदों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। जिसको देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर है और पीएसी भी बुला ली गई । अफसरो ने भीड़ को समझाने की कोशिश करके जाम खुलवाया।
आज मंगलवार को दोपहर तकरीबन ढाई बजे दर्जनों की भीड़ छह सड़के पर जा पहुंची और जाम लगा दिया। भीड़ में महिला-पुरुष शामिल हैं, इनमें अधिकांश शहर के मोहल्ला खंडसारी के रहने वाले हैं। देखते ही देखते भीड़ की तादात बढ़ती चली गई। मामले की जानकारी पर पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन स्ट्रेंथ कम होने के कारण अफसरों को मामले की जानकारी दी गई। कुछ देर में ही भारी मात्रा में पुलिस बल समेत पीएसी वहां आ पहुंची। भीड़ में शामिल लोग पुलिस पर लापरवाही समेत धमकाने का आरोप लगा रहे हैं।
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मृतक के भाई की जुबानी
युवक के ममेरे भाई आकिल ने बताया कि एक अगस्त की रात पांच लोगों ने घंटाघर पर मेरे फुफेरे भाई बहार हुसैन (28) ने चाकुओं से हमला किया था। उसे 56 चाकू मारे गए। पेट, सीना, हाथ, पैर, कमर हर जगह पर गोदा गया। पुलिस ने इस मामले में इस गुट के सरगना शानू की गिरफ्तारी नहीं की है। शानू मीट का शहर का सबसे बड़ा कारोबारी है और पुलिस से उसकी मिलीभगत है। उसी के इशारे पर पुलिस काम कर रही है। जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें एक के पास चाकू दिखाया, जबकि दूसरे के पास चाकू नहीं दिखाया है। हमनें कहा तो पुलिस बोली कि सबके पास चाकू नहीं दिखाएंगे। हम चाहते हैं कि शानू समेत तारिख और मोहल्ला शहबाजपुर निवासी बाबा की गिरफ्तारी हो। हमारा भाई बरेली में खत्म हो गया है।
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ये हुआ था घटनाक्रम
सदर कोतवाली के खण्डसारी मोहल्ले में शुक्रवार देर रात बहार तुर्क नाम के युवक को चाकुओं से प्रहार कर घायल कर दिया गया था। बहार दिल्ली में सिलाई के कारखाने में काम करता था और कुछ दिन पहले ही घर लौटा था। हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया तो परिजन बरेली के निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। आज दोपहर को उसकी मौत हो गई। इस मामले में बहार के बहनोई मुजम्मिल हुसैन की ओर से फराज कुरैशी उर्फ सलमान, अकरम, तारिक व बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि अब परिवार वाले शानू नाम के युवक को भी वारदात में शामिल बता रहे हैं। शानू हमलावरों के गैंग का सरगना बताया जा रहा है।
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पांच बहनों में इकलौता था बहार
बताया जाता है कि बहार पांच बहनों में इकलौता था। वह दिल्ली में रहकर काम करता था। इसी से परिवार का खर्चा चलता था। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस फिलहाल भीड़ को समझाने का प्रयास कर रही है।

