जिला अस्पताल बना कुरुक्षेत्र
चिकित्सा के विरुद्ध संगीन आरोप,
(बदायूं से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)


बदायूं । जिला अस्पताल दिनों दिन समय-समय पर चर्चाओं में बना रहता है लेकिन इस बार दो संविदा कर्मचारियों में हुई मामूली से विवाद के चलते पल भर में ही कुरुक्षेत्र का मैदान बन गया।
इस पूरे विवाद अब वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश वर्मा का नाम भी खुलकर सामने आया है।
गुरुवार को जिला अस्पताल के संविदा काउंसलर गौरव शंखधार पर जबरदस्त हमला हुआ। करीब दो दर्जन लोगों ने ओपीडी में एक कमरे में घुसकर मारपीट कर, नकदी और मोबाइल लूटने का पीड़ित आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
श्री गौरव का कहना है कि इस हमले के पीछे किसी और का नहीं बल्कि वरिष्ठ डॉक्टर राजेश वर्मा का हाथ है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर वर्मा ने पहले ही उन्हें धमकी दी थी- “तेरी औकात नहीं, तुझे और तेरे भाई को सबक सिखाऊंगा ”
गौरव के भाई सौरभ जो होम्योपैथिक कार्यालय में तैनात हैं उनको भी अस्पताल परिसर में पीटा गयाऔर उनका हाथ भी फट गया।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और डॉक्टर की शह पर हुआ है।
हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुका है, जिसमें जिला अस्पताल कुरुक्षेत्र का मैदान बना दिखाई दे रहा है लोग एक दूसरे पर जानलेवा हमला कर रहे हैं जो सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया है। जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष को कुरुक्षेत्र का मैदान बनते ही लोग इधर-उधर भागने लगे अफरा तफरी का माहौल देखकर लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा हो गई ।
जिला अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मी ने रोकने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी धक्का देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया ।
गौरव का आरोप है कि हमलावरों में आधा दर्जन से अधिक सत्ता पक्ष के थे जो सीसीटीवी में कैद है।
सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह यादव ने दोनों पक्षों की शिकायतें मिलने की पुष्टि की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। जनपद के जागरूक नगरिकों का कहना है कि अगर आरोप सच साबित होते हैं तो क्या एक वरिष्ठ डॉक्टर वर्मा पर कार्रवाई होगी? उन्होंने तो सरकारी आदेश को पहले ही राजनीतिक पहुंच के चलते ठेंगा दिखाया है। क्योंकि वह सरकारी डॉक्टर होते हुए भी उझानी में अस्पताल चलाते हैं और शेखुपुर में नर्सिंग कालेज संचालित करते है। यह सब सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके संबंधों के कारण हो रहा है।
दूसरे पक्ष डाटा ऑपरेटर सुरेंद्र का कहना है कि बुधवार संविदा कर्मी गौरव और उनके भाई ने मुझे कमरे में बंद करके मारा पीटा था। जिसकी मैने सीएमएस से भी शिकायत की थी।
फिलहाल ममला पुलिस तक पहुंच गया है। समाचार भेजे जाने तक दोनों पक्षों की तरफ से कोतवाली पुलिस को तहरीर नहीं मिली थी। अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है?
