तीन नवजातों में से एक नवजात शिशु को जीवनदान दिया राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने
(बदायूं से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)

बदायूं: राजकीय मेडिकल कॉलेज के बाल रोग चिकित्सकों ने एक परिवार के तीन नवजातों में से एक नवजात शिशु को अत्याधुनिक उपचार के माध्यम से जीवनदान दिया है। जो गंभीर संक्रमण और श्वसन संकट से जन्म और मृत्यु से संघर्ष कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक जनपद बदायूं के ग्राम गठोना निवासी जयप्रभा और अमित के घर उस समय खुशी और चिंता एक साथ उमड़ पड़ी जब बरेली के एक निजी अस्पताल में उनके तीन नवजात शिशुओं का जन्म हुआ। दुर्भाग्यवश, जन्म के तुरंत बाद तीनों बच्चों की हालत नाजुक हो गई और उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट की आवश्यकता पड़ी। समय की नज़ाकत को देखते हुए बच्चों को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं रेफर किया गया।
परंतु रास्ते में ही दो नवजातों की मृत्यु हो गई। तीसरा नवजात, जिसका वजन मात्र 1300 ग्राम था, को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की टीम ने अथक प्रयासों और अत्याधुनिक उपचार से जीवनदान दिया।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रचना गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया
“बच्चा गंभीर संक्रमण और श्वसन संकट के साथ आया था। उसे तुरंत नियोनेटल वेंटीलेटर पर लिया गया, उच्च स्तरीय एंटीबायोटिक्स एवं जीवनरक्षक दवाएं दी गईं। हमारी टीम की सतर्क निगरानी और निरंतर उपचार के चलते अब नवजात पूरी तरह स्वस्थ है और आज उसे छुट्टी दे दी गई।”
प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार ने बाल रोग विभाग की टीम की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सफलता डॉक्टरों की तत्परता, अनुभव और समर्पण का परिणाम है। मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशुओं की देखभाल हेतु सभी आवश्यक संसाधन और विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, और हम भविष्य में भी मरीजों को हरसंभव बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करते रहेंगे।
परिवारजनों ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों व प्रशासन का हृदय से आभार जताया है।
⸻
