तहसील बिल्सी में तैनात एक और लेखपाल को पांच हजार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा,
लेखपाल चंद्र प्रकाश मृतक आश्रित कोटे से नौकरी में आए थे,
(बदायूं से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)

बदायूं : बदायूं सदर तहसील के लेखपाल के पकड़े जाने के मामला अभी ठंडा नहीं हो पाया था कि अब बिल्सी से एक और रिश्वतखोर लेखपाल पांच हजार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन की टीम द्वारा पकड़ लिया गया है। लेखपाल चंद्रप्रकाश हैसियत प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत मांग रहा था।
तहसील बिल्सी क्षेत्र के गांव बड़रौनी निवासी हरवेंद्र को हैसियत प्रमाण पत्र बनवाना था, जिसके लिए उसने आवेदन किया था आवेदन के उपरांत हरवेदर ने लेखपाल चंद्रप्रकाश से संपर्क कर हैसियत प्रमाण पत्र बनवाए जाने का अनुरोध किया तो लेखपाल चंद्र प्रकाश ने इसके लिए हरवेंद्र से पांच हजार रुपये की मांग की तथा पैसे ना देने पर हैसियत प्रमाण पत्र निरस्त करने की धमकी दे डाली धमकी से परेशान हरवेंद्र ने एंटी करप्शन की टीम से संपर्क साधा तो टीम ने लेखपाल को ट्रैप करने के लिए जाल बिछा दिया। पैसे देने के लिए हरवेदंर ने मोबाइल पर लेखपाल चंद्र प्रकाश से संपर्क साधा तो उसने हरवेदंर को तहसील बिल्सी के सामने संजीव सिंह के किराये के मकान में पहुंचने को कहा जैसे ही हरबेदंर ने एंटी करप्शन टीम को बताया की किराए के मकान में पहुंचना है जहां लेखपाल सब पहुंच रहे हैं फिर क्या टीम भी संजीव कुमार के मकान के आसपास तैनात हो गई। लेखपाल चंद्र प्रकाश द्वारा संजीव कुमार के मकान में पहुंचकर अपने पैसे हरवेदंर से मांगे कमरे में जैसे ही लेखपाल ने हरवेंद्र से पांच हजार रुपये लिए, टीम प्रभारी काशीनाथ उपाध्याय ने मय टीम के उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम लेखपाल चंद्र प्रकाश को पकड़कर कुंवरगांव थाने ले गई, जहां एंटी करप्शन टीम द्वारा लेखपाल चंद्र प्रकाश को गिरफ्तार किए जाने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं।
₹5000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए लेखपाल चंद्र प्रकाश को अपने सहसवान तहसील में लेखपाल पिता सुंदरलाल की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के उपरांत मृतक आश्रित कोटे से लेखपाल पद की नौकरी पाए थे।
