अटारी बॉर्डर । भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद Attari-Wagah border को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
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इस बीच, भोपाल के एक परिवार को, जो अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाने के लिए Attari-Wagah border पहुंचा था, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने वापस लौटा दिया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें अटारी-वाघा बॉर्डर बंद करना, सिंधु जल संधि निलंबित करना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है।
उन्होंने स्पष्ट किया था कि केवल 1 मई तक वैध वीजा के साथ आए लोग ही इस मार्ग से वापस जा सकते हैं। भोपाल के रहने वाले तीन सदस्यों वाला यह परिवार अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। परिवार ने बताया कि उनके पास वैध वीजा और यात्रा दस्तावेज थे, लेकिन Attari-Wagah border बंद होने के कारण बीएसएफ ने उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी। निराश परिवार को वापस भोपाल लौटना पड़ रहा है।
Attari-Wagah border सीमित व्यापार और लोगों के आवागमन के लिए खुला था
परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हम अपने रिश्तेदारों से मिलने की उम्मीद लेकर गए थे, लेकिन अब हमें वापस जाना पड़ रहा है।”
Attari-Wagah border भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र सड़क मार्ग है, जो सीमित व्यापार और लोगों के आवागमन के लिए खुला था। इस बॉर्डर पर हर शाम होने वाला ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह दोनों देशों की सैन्य परंपरा और प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक है।
बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी।

