अमरोहा (13 अप्रैल): जनपद में महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ (हर घर नल-हर घर जल योजना) के कार्यों में हो रही लापरवाही और लेटलतीफी पर जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में डीएम ने धीमी प्रगति और नियमित जल आपूर्ति न होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने काम में लापरवाही बरतने वाली तीन प्रमुख कार्यदायी फर्मों— एसपीएमएल (SPML), एलसी इंफ्रा (LC Infra) और ओमिल (Oomil) के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए शासन को पत्र प्रेषित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
DM के सख्त निर्देश: लीकेज रोकें और टूटी सड़कें तुरंत बनाएं
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बारीकी से समीक्षा की। फर्मों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्होंने निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
त्वरित समाधान: आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए धरातल पर काम करते हुए रेगुलर वाटर सप्लाई बढ़ाई जाए। लीकेज और पानी न आने की शिकायतों का तुरंत निस्तारण हो।
सड़कों का रेस्टोरेशन: पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के रेस्टोरेशन (मरम्मत) का कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्रता से पूरा किया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
हैंडओवर प्रक्रिया: नगर पालिका परिषद सीमा के अंतर्गत जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें हैंडओवर करने की आवश्यक कार्यवाही तुरंत की जाए।
गांवों को ‘सबमर्सिबल मुक्त’ बनाने की नई पहल
जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत (100%) घरेलू नल कनेक्शन पूरे हो चुके हैं, वहां एक विशेष अभियान चलाया जाए। लोगों को जल की महत्ता समझाते हुए उन गांवों को ‘सबमर्सिबल मुक्त गांव’ बनाने के लिए जागरूक किया जाए।
महिला सशक्तिकरण: महिलाएं बनेंगी ‘पंप ऑपरेटर’
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डीएम ने एक शानदार पहल की है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक विकास खंड (Block) में महिलाओं को ‘पंप ऑपरेटर’ (Pump Operator) के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें इसका उचित प्रशिक्षण (Training) भी दिया जाए।
सरकारी भवनों के कनेक्शन की होगी जांच
श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने डीपीआरओ (DPRO) को निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों, सामुदायिक शौचालयों, पंचायत भवनों, विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में दिए गए पानी के कनेक्शन की सघन जांच कराई जाए। इसके साथ ही गांवों में गठित ‘जल समिति’ की बैठकें कराकर लोगों को जल बचाने के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में अधिशासी अभियंता (जल निगम) श्री चंद्रहास, सहायक अभियंता श्री शहरोज आरिफ, डीपीएम टीपीआई सहित संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।

