Amroha News-अमरोहा (कलेक्ट्रेट): अमरोहा के किसानों की किस्मत अब चमकने वाली है। जिले के मशहूर आम, बासमती चावल और हरी सब्जियों के बाद अब यहाँ का शहद (Honey) भी सात समंदर पार अपनी मिठास घोलेगा। जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में हुई ‘जिला क्लस्टर सुविधा इकाई’ की बैठक में निर्यात को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
शहद को निर्यात सूची में जोड़ने का प्रस्ताव
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण ‘शहद’ रहा। श्योनाथ एग्रीटेक एफपीओ (FPO) के निदेशक श्री जोगिन्दर ने सुझाव दिया कि अमरोहा में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए इसे निर्यात सूची (अनुलग्नक-1) में शामिल किया जाए।
DM का एक्शन: जिलाधिकारी ने इस सुझाव को तत्काल स्वीकार करते हुए ‘शहद’ को जिले के निर्यात उत्पादों में जोड़ने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसका मतलब है कि जल्द ही अमरोहा का शहद भी एक्सपोर्ट क्वालिटी का ब्रांड बनेगा।
आम का क्लस्टर बनने की तैयारी
प्रभारी ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक श्री अजब सिंह ने बताया कि:
चिन्हित फसलें: यूपी कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत अमरोहा से आम, आलू, मेन्था, बासमती धान और ताजी हरी सब्जियां पहले से चिन्हित हैं।
मैंगो क्लस्टर: तहसील स्तर पर ‘आम’ का एक क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे बागवानों को सीधा फायदा मिलेगा।
GI टैग और बासमती पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के संभावित नए उत्पादों को GI (Geographical Indication) टैग दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार करें। साथ ही, बासमती चावल के अधिकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया ताकि असली बासमती की पहचान बनी रहे।
किसानों और निर्यातकों का होगा मिलन
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने एफपीओ (Farmer Producer Organizations) और निर्यातकों (Exporters) के बीच सामंजस्य बनाने हेतु कार्यशाला आयोजित करने को कहा। बैठक में निर्यातक श्री नदीम सिद्दीकी और श्री ईशान्त सैनी ने निर्यात की बारीकियां समझाईं।

