Amroha News-अमरोहा (20 मार्च 2026): बालिकाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अमरोहा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) अमरोहा द्वारा शुक्रवार को देवनागरी आदर्श इंटर कॉलेज, कौरल में किशोरियों के लिए एक विशेष ‘विधिक जागरूकता कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया।
यह वृहद कार्यक्रम जिला न्यायाधीश विवेक के संरक्षण और प्राधिकरण के सचिव/न्यायाधीश अभिषेक कुमार व्यास के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
छात्राओं को मिली इन अहम कानूनों की जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पैरा लीगल वॉलंटियर श्री महेश ने छात्राओं को बेहद सरल और प्रभावी भाषा में विभिन्न कानूनों की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए कई सशक्त कानून मौजूद हैं, जिनकी जानकारी हर किशोरी को होनी चाहिए। कार्यशाला में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया:
घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005: इसके तहत महिलाओं को मिलने वाले सुरक्षा उपायों और कानूनी अधिकारों को समझाया गया।
विशेष विवाह अधिनियम: विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों और अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई।
शिक्षा का अधिकार (RTE): बच्चों को मिलने वाली निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के बारे में बताया गया, जिसे जीवन में सफलता और सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार माना गया है।
निःशुल्क विधिक सहायता: छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अन्याय की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुफ्त कानूनी मदद कैसे प्राप्त कर सकती हैं।
हेल्पलाइन नंबर और सरकारी योजनाओं से कराया अवगत
छात्राओं में आत्मविश्वास जगाने और गलत के खिलाफ बेखौफ होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित करते हुए, उन्हें विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों और महिला-कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि आवश्यकता पड़ने पर छात्राएं बिना किसी झिझक के तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
इस सशक्तिकरण शिविर में देवनागरी आदर्श इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राओं ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी बालिकाओं के लिए ऐसे जागरूकता अभियानों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

