Amroha News-विशेष संवाददाता: भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में, जनगणना के प्रथम चरण (गृह-सूचीकरण एवं मकान गणना) को सफलतापूर्वक और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के लिए फील्ड ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा बैच बुधवार (18 मार्च) को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
दो चरणों में दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया था। इसका पहला बैच 11 से 13 मार्च के बीच पूरा हुआ, जबकि दूसरा बैच 16 से 18 मार्च तक चला। इस दौरान कुल 32 फील्ड ट्रेनर्स को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) दिया गया, जिसमें क्षेत्रीय सर्वेक्षण का फील्ड में जाकर सीधा अभ्यास भी कराया गया।
‘जनगणना एप’ और डिजिटल डेटा पर रहा खास फोकस
आगामी जनगणना को पूरी तरह से हाई-टेक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डिजिटल डेटा संग्रहण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों की विस्तार से जानकारी दी गई:
डिजिटल कार्यप्रणाली: ‘जनगणना एप’ (Census App) के माध्यम से सुरक्षित और सटीक डिजिटल डेटा कैसे फीड किया जाए।
सूचीकरण: भवन एवं मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करना।
परिवार गणना: परिवारों की गिनती और सर्वेक्षण कार्य को बिना किसी चूक के पूरा करना।
सटीकता और समयबद्धता है सबसे बड़ी प्राथमिकता
मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर के इस विशाल कार्य में डेटा की सटीकता (Accuracy) और समयबद्धता (Timeliness) का विशेष महत्व है। इसके साथ ही, डेटा इकट्ठा करते समय फील्ड में आने वाली संभावित व्यावहारिक समस्याओं, तकनीकी अड़चनों और उनके त्वरित समाधान पर भी उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रगणकों को करेंगे प्रशिक्षित
कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अब ये सभी 32 फील्ड ट्रेनर्स पूरी तरह से तैयार हैं। ये ट्रेनर्स अब अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर ग्राउंड जीरो पर काम करने वाले प्रगणकों (Enumerators) को प्रशिक्षित करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि 2027 का यह ऐतिहासिक और वृहद जनगणना कार्य सुचारू, व्यवस्थित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

