Amroha News-धनौरा/अमरोहा: भारतीय किसान यूनियन (शंकर) ने किसानों, मजदूरों और आमजन की ज्वलंत समस्याओं को लेकर धनौरा तहसील में हुंकार भरी है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
चौधरी दिवाकर सिंह ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि तहसील धनौरा और अमरोहा जनपद में जनहित की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते किसानों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष पनप रहा है।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें:
रेहड़ी-पटरी वालों का बिना सर्वे विस्थापन रोकना: रामलीला मैदान के दक्षिणी छोर पर पिछले 40 वर्षों से दुकान लगा रहे गरीब रेहड़ी-पटरी वालों को बाउंड्री वॉल निर्माण के नाम पर हटाया जा रहा है। भाकियू ने मांग की है कि ‘स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014’ के तहत बिना उचित सर्वे और वैकल्पिक व्यवस्था (पुनर्वास) के किसी भी गरीब का रोजगार न उजाड़ा जाए।
तिगरी धाम गंगा घाट का सौंदर्यीकरण: आस्था के केंद्र तिगरी धाम गंगा घाट की बदहाली दूर करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और अंतिम संस्कार के अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है।
गन्ना भुगतान और KCC लिमिट: क्षेत्र के गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये का बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। इसके अलावा, किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा बढ़ाई जाए और गन्ना विकास सहकारी समितियों का पंजीकरण नाबार्ड (NABARD) में हो, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
क्षेत्रीय विकास और स्वास्थ्य: गजरौला से तिगरी धाम मार्ग पर फाजलपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास फोर-लेन ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू हो। साथ ही, सड़क हादसों के मद्देनजर नेशनल हाईवे-9 (गजरौला) के पास एक सर्वसुविधायुक्त ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की जाए।
बिजली व्यवस्था में सुधार: डिडौली क्षेत्र की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए वहां 132 केवी का विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जाए और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।
बड़े आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन सौंपते हुए चौधरी दिवाकर सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने इन जनहित की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो भारतीय किसान यूनियन (शंकर) किसानों, मजदूरों और आम जनता के हकों के लिए एक वृहद आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी।

