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Amroha ने स्वास्थ्य सुविधाओं में गाड़ा झंडा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर की रैंकिंग में बना नंबर वन

On: March 12, 2026 5:16 PM
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अमरोहा (Amroha News): उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं (Rural Health Services) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। प्रदेश भर में ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ (Ayushman Arogya Mandir) के शानदार संचालन और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अमरोहा ने पूरे यूपी में पहली रैंक (First Rank in UP) प्राप्त की है। अब यहां के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सर्दी-खांसी जैसी छोटी बीमारियों, जांच या प्राथमिक उपचार के लिए मीलों दूर शहर के अस्पतालों के धक्के नहीं खाने पड़ रहे हैं।

जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की सख्त निगरानी और स्वास्थ्य विभाग के कुशल प्रबंधन का ही नतीजा है कि पिछले केवल तीन महीनों के भीतर जिले के 2,44,392 मरीजों को उनके गांव में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य लाभ मिला है। यह उपलब्धि न सिर्फ अमरोहा के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक नज़ीर बन गई है।

156 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने बदली ग्रामीण स्वास्थ्य की तस्वीर

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए इस समय कुल 194 आरोग्य मंदिर चिन्हित किए गए हैं। शासन की ओर से इनमें से 156 केंद्रों पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) की तैनाती की गई है। ये अधिकारी जन समुदाय के साथ मिलकर ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं।

सबसे खास बात यह है कि इन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह से हाईटेक और आधुनिक बनाया गया है। यहां न केवल मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड (Digital Health Record) सुरक्षित रखा जा रहा है, बल्कि गंभीर बीमारियों के लिए बड़े डॉक्टरों से परामर्श लेने हेतु टेलीमेडिसिन (Telemedicine) जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हर दिन मिल रहा इलाज: ओपीडी और मुफ्त जांच की सुविधा

अमरोहा के प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में रोजाना औसतन 20 से 25 मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। ओपीडी (OPD) में मुख्य रूप से मौसमी बीमारियों, आंखों की परेशानी, ईएनटी (ENT), जोड़ों के दर्द, गैस्ट्रिक और एलर्जी के मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है।

इन आरोग्य मंदिरों की मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights):

  • व्यापक देखभाल: गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य की विशेष निगरानी।

  • गंभीर बीमारियों का प्रबंधन: टीबी (NTEP), कुष्ठ रोग (NLEP) और अन्य संचारी/गैर-संचारी रोगों का इलाज।

  • 14 प्रकार की मुफ्त जांचें: मरीजों की सहूलियत के लिए केंद्रों पर मलेरिया, डेंगू, एचआईवी (HIV), ब्लड शुगर सहित 14 अहम मेडिकल टेस्ट बिल्कुल मुफ्त किए जा रहे हैं।

  • रिकॉर्ड तोड़ ओपीडी: पिछले 3 महीनों में 2.44 लाख से ज्यादा ग्रामीणों को मिला सीधा फायदा।

कैसे मिली अमरोहा को यूपी में नंबर वन की कुर्सी?

अमरोहा को सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं का ‘सिरमौर’ बनाने के पीछे जिलाधिकारी की कार्यप्रणाली की अहम भूमिका रही है। डीएम द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और अन्य स्वास्थ्य प्रबंधकों के साथ नियमित रूप से गहन समीक्षा बैठकें की जाती हैं।

सिस्टम में पूरी पारदर्शिता और रफ्तार बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल का डेटा व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए उच्चाधिकारियों से साझा किया जाता है। इसके अलावा, अधिकारियों के लगातार क्षेत्रीय दौरों (Field visits) ने भी स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय की है, जिससे लापरवाही की गुंजाइश खत्म हो गई।

वेलनेस कैलेंडर और भविष्य की रूपरेखा (Future Health Plans)

स्वास्थ्य विभाग अब केवल बीमारियों के इलाज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ (बीमारियों से बचाव) पर भी जोर दे रहा है। गांव-गांव में ‘वेलनेस कैलेंडर’ के अनुसार नियमित स्वास्थ्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

भविष्य की रणनीति को लेकर विभाग स्पष्ट है। ग्राम सभा और वीएचएसएनसी (VHSNC) के पूर्ण सहयोग से जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और जागरूकता कार्यक्रमों की रफ्तार को और तेज करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अमरोहा आगे भी अपनी यह नंबर वन की कुर्सी बरकरार रख सके।

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