Amroha News-अमरोहा जिले में आने वाले दिनों में बड़े-बड़े त्योहार और परीक्षाएं एक साथ होने वाली हैं। महाशिवरात्रि, होली, रमजान का आखिरी शुक्रवार (जमात-उल-विदा), चेटीचंद, ईस्टर सैटरडे जैसी धार्मिक घटनाओं के अलावा कई अन्य धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। साथ ही विभिन्न परीक्षाओं का भी सिलसिला चल रहा है। ऐसे में कुछ अराजक तत्व शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसीलिए सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट (वि0/रा0) गरिमा सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 के तहत पूरे अमरोहा जिले में निषेधाज्ञा (Section 144) लगा दी है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से 10 फरवरी 2026 से 25 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। दोनों तारीखें शामिल हैं।
क्या-क्या सख्त नियम लागू हुए?
पूरे जिले में कहीं भी 5 या इससे ज्यादा लोग बिना अनुमति के इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। हालांकि यह नियम परिवार के सदस्यों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सरकारी कामों से जुड़े आयोजनों पर लागू नहीं होगा।
कोई भी व्यक्ति या ग्रुप घर की छत पर, घर के अंदर, सड़क पर, गली में या कहीं भी ईंट, पत्थर, ईंट के टुकड़े या कोई ऐसी चीज इकट्ठा नहीं कर सकेगा, जिससे किसी को चोट पहुंचे। न तो खुद करेगा, न किसी से करवाएगा और न ही किसी को उकसाएगा।
परीक्षा केंद्रों के लिए स्पेशल सख्ती
परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर या कोई ध्वनि विस्तारक यंत्र बिल्कुल नहीं चलेगा। परीक्षा हॉल में मोबाइल, ब्लूटूथ, अन्य संचार उपकरण या आईटी गैजेट्स ले जाना पूरी तरह बैन है। परीक्षा खत्म होने तक कोई अभ्यर्थी या प्रश्नपत्र बाहर नहीं जा सकेगा। कॉपी चोरी या अनुचित साधनों को रोकने के लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने पर जीरो टॉलरेंस कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक या धार्मिक नफरत फैलाने वाला भाषण नहीं देगा, नारे नहीं लगाएगा, पम्फलेट-बैनर नहीं छपवाएगा या वितरित करेगा। ऐसा कुछ भी नहीं होगा जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे, उत्तेजना फैले या सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़े।
सोशल मीडिया पर (व्हाट्सएप, ट्विटर/X, इंस्टाग्राम) धार्मिक विद्वेष फैलाने वाला कोई मैसेज नहीं भेजा जाएगा, न ही फॉरवर्ड किया जाएगा। अगर कोई ऐसा मैसेज मिले तो उसे आगे नहीं भेजना है और न ही किसी को उकसाना है। सोशल मीडिया पर किसी को इकट्ठा होने के लिए नहीं कहना। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मैसेज मिलते ही तुरंत थानाध्यक्ष या उपजिला मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होगी।
अन्य महत्वपूर्ण प्रतिबंध
- बिना अनुमति ड्रोन कैमरा इस्तेमाल नहीं होगा।
- अश्लील साहित्य, आपत्तिजनक बैनर, हैंडबिल या पोस्टर छापना, वितरित करना बैन।
- धार्मिक उन्माद फैलाने वाले वीडियो/ऑडियो का खरीद-बिक्री, प्रदर्शन या बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित।
- कोई लाइसेंसी शस्त्रधारक अपने हथियार सार्वजनिक रूप से नहीं दिखा सकेगा।
- लाठी, डंडा, चाकू या कोई घातक हथियार लेकर चलना बैन (सिख समुदाय की पारंपरिक कृपाण और सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं)।
- उपजिला मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर या कोई ध्वनि यंत्र नहीं चलेगा। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के नियमों का सख्ती से पालन होगा – समय और वॉल्यूम लिमिट फॉलो करना अनिवार्य।
सड़क, रेलवे ट्रैक बाधित नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचेगा। पानी या बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं डाली जाएगी।
खाद्य वस्तुओं या जरूरी सामान का ज्यादा स्टॉक जमा करना, कालाबाजारी या महंगा बेचना बैन। ऐसा पकड़े जाने पर EC Act के तहत कार्रवाई होगी।
उल्लंघन पर क्या होगा?
निषेधाज्ञा तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत सजा होगी। पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी का अधिकार है और आरोपी को जेल भेजा जा सकता है।
यह आदेश जिला सूचना कार्यालय, अमरोहा द्वारा जारी किया गया है। सभी उपजिला मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका/पंचायतें और थानाध्यक्ष इसे अपने क्षेत्र में व्यापक प्रचार करेंगे और अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करेंगे।

