Amroha News : अमरोहा | एडमिनिस्ट्रेशन एवं इंडस्ट्रियल डेस्क जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, आज मंगलवार (10 मार्च 2026) को जनपद अमरोहा के गजरौला औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित ‘तेवा एपीआई प्राइवेट लिमिटेड’ (Teva API Pvt. Ltd.) में एक विशाल मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। यह ड्रिल मुख्य रूप से CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एंड न्यूक्लियर) यानी रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए की गई।
उपजिलाधिकारी (SDM) धनौरा श्रीमती विभा श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) गाजियाबाद की विशेषज्ञ टीम ने किसी भी आपात स्थिति में बचाव और राहत कार्यों का सजीव (लाइव) अभ्यास कराया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य और सजीव प्रदर्शन
इस मेगा मॉक ड्रिल का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक इकाइयों में किसी भी अप्रत्याशित रासायनिक रिसाव या जैविक आपदा की स्थिति में कर्मचारियों, प्रबंधन और संबंधित सरकारी विभागों को त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया (Coordinated Response) के लिए तैयार करना था।
एनडीआरएफ (NDRF) टीम का एक्शन: डिप्टी कमांडेंट श्री अनिल कुमार के निर्देशन और टीम कमांडर श्री हेमन्त मौर्या की अगुवाई में एनडीआरएफ के जवानों ने विभिन्न आपातकालीन परिदृश्यों (Scenarios) का अभ्यास कराया:
त्वरित रेस्क्यू: जहरीले रसायन के रिसाव की स्थिति में प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालना।
डीकंटैमिनेशन (Decontamination): रसायनों के प्रभाव को खत्म करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया का प्रदर्शन।
प्राथमिक उपचार व सुरक्षित निकासी: घायलों को तुरंत मेडिकल मदद देना और फैक्ट्री से सुरक्षित बाहर निकलने (Safe Evacuation) के व्यावहारिक उपाय सिखाना।
“औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी मॉक ड्रिल अत्यंत आवश्यक” – SDM
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी धनौरा श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने कहा कि गजरौला जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में इस प्रकार के मॉक ड्रिल कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनके माध्यम से कर्मचारियों को आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही निर्णय लेने और त्वरित कार्रवाई करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है, जिससे जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम पर हुई चर्चा
कार्यक्रम का सुचारू संचालन आपदा विशेषज्ञ श्री पवन शुक्ला ने किया। उन्होंने उपस्थित सभी जिला और तहसील स्तरीय अधिकारियों को ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम’ (Disaster Management Act) के तहत उनकी जिम्मेदारियों और उत्तरदायित्वों के बारे में विस्तार से समझाया।
अंत में, तेवा (Teva) परियोजना के एचआर हेड श्री साकेत शर्मा ने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सुरक्षा से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इन विभागों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पुलिस, अग्नि शमन (Fire Brigade), पशुपालन, होम गार्ड, सिंचाई, स्थानीय निकाय, राजस्व, लोक निर्माण विभाग (PWD), जिला पूर्ति, विद्युत, आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और स्काउट एवं गाइड सहित तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, तेवा कंपनी प्रबंधन की ओर से साइट जनरल मैनेजर मुनीश्वर सिंह, साइट EHS हेड गन्धम सत्या, साइट फैसिलिटी मैनेजर व कॉर्पोरेट अफेयर हेड राहुल राय समेत सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

