Amroha Census 2027-उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में आगामी Amroha Census 2027 (अमरोहा जनगणना 2027) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। भारत जैसे विशाल देश में सटीक नीतियां बनाने और विकास का खाका तैयार करने के लिए प्रामाणिक आंकड़ों की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अमरोहा प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इसी कड़ी में, मकानों की सूची बनाने और उनकी गणना के लिए जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनरों के पहले बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।
पैनेसिया कॉलेज में हुआ पहले बैच का प्रशिक्षण प्रमुख जनगणना अधिकारी और अमरोहा की जिलाधिकारी (डीएम) श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की देखरेख में यह विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया। शहर के पैनेसिया कॉलेज में 11 मार्च से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 13 मार्च 2026 तक चला।
इस दौरान कुल 32 फील्ड ट्रेनरों को जनगणना के प्रथम चरण की बारीकियां सिखाई गईं। इस पहले चरण में मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार करना और उनकी गिनती करना शामिल है। प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि तकनीकी और व्यावहारिक स्तर पर ट्रेनरों को पूरी तरह से दक्ष कर दिया जाए, ताकि फील्ड में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी या भ्रम का सामना न करना पड़े।
अमरोहा जनगणना 2027: ‘नागरिकों से सम्मान से बात करें और जानकारी गुप्त रखें’ इस महत्वपूर्ण मौके पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सभी 32 फील्ड ट्रेनरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि फील्ड में काम करते समय आम जनता के साथ बेहद सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
डीएम ने हिदायत देते हुए कहा, “जब आप किसी के घर जाएं, तो पूरे सम्मान और शिष्टाचार के साथ बात करें। यदि कोई नागरिक आपको अपनी जानकारी दे रहा है, तो उसे पूरी सटीकता के साथ दर्ज करें।” इसके साथ ही उन्होंने डेटा की गोपनीयता (Data Privacy) पर सबसे अधिक जोर दिया। उन्होंने ट्रेनरों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ बिल्कुल भी साझा न की जाए। समय पर काम पूरा करने, सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने को उन्होंने इस महाभियान की सफलता की कुंजी बताया।
सरकारी योजनाओं का आधार बनते हैं ये आंकड़े प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर जिलाधिकारी ने जनगणना के व्यापक महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फील्ड में गोपनीय आंकड़े जुटाने के दौरान कई तरह की चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन उचित प्रशिक्षण और सूझबूझ से उन्हें आसानी से पार किया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना का यह कार्य कोई सामान्य ड्यूटी नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। इन आंकड़ों के आधार पर ही भारत सरकार और राज्य सरकारें भविष्य की विकास योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों का निर्माण करती हैं। इसलिए, सभी ट्रेनर प्रशिक्षण में बताई गई हर प्रक्रिया, प्रपत्र भरने के तरीके और तकनीकी पहलुओं को भली-भांति आत्मसात कर लें।
16 मार्च से शुरू होगा दूसरा चरण प्रशासन ने ट्रेनरों को आश्वस्त किया है कि काम के दौरान आने वाली किसी भी व्यावहारिक या तकनीकी समस्या का तुरंत निराकरण किया जाएगा, इसलिए बिना किसी दबाव के अपना कार्य करें।
पहले बैच की सफलता के बाद, अब दूसरे बैच का प्रशिक्षण 16 मार्च से आरंभ होकर 18 मार्च तक चलेगा। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अमल यादव, आलोक कुमार और जिला प्रभारी श्री व्यास नन्दन ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई और फील्ड ट्रेनरों का मार्गदर्शन किया।

