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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारिता नीति – 2025 का अनावरण किया

On: July 25, 2025 12:45 PM
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Amit Shah
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नयी दिल्ली : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025 का अनावरण करने के बाद कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और सहकारिता के मार्ग पर चलने से देश का अर्थतंत्र मजबूत होगा। शाह ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की अनेक उपलब्धियां रही, लेकिन इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज देश की छोटी से छोटी सहकारी इकाई का सदस्य गर्व के साथ खड़ा हो गया है।

गुरुवार को राष्ट्रीय सहकारिता नीति की घोषणा करेंगे Amit Shah

Amit Shah ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 का शुभारंभ हुआ है। वर्ष 2002 में भारत सरकार ने सहकारिता नीति में बनायी थी उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार थी और आज भाजपा सरकार द्वारा दूसरी सहकारिता नीति लाई गई है।

उन्होंने कहा कि जो सरकार के दृष्टिकोण को, जो भारत को, उसके विकास को, और भारत के विकास के लिए आवश्यक सभी कारकों को समझता है, वही सहकारी क्षेत्र को महत्व दे सकता है। यदि देश और अर्थव्यवस्था की मूल इकाई समृद्धि रोजगार देने वाली हो तो वह आर्थिक मॉडल कभी विफल नहीं हो सकता।

Amit Shah ने कहा कि सहकारिता नीति बनाते समय इस बात का ध्यान रखा गया कि नीति का केंद्र बिंदु व्यक्ति, गाँव, कृषि, गाँव की महिलाएँ, दलित, आदिवासी हों। इसका विज़न सहकारिता की समृद्धि के माध्यम से 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। इसका मिशन पेशेवर, पारदर्शी, तकनीकी, ज़िम्मेदार और आर्थिक रूप से स्वतंत्र तथा सफल लघु सहकारी इकाइयाँ विकसित करना है। हम हर गाँव में कम से कम एक सहकारी संस्था के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2027 में भारत को विश्व के तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बनाने का लक्ष्य रखा है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम इस लक्ष्य तक जरुर पहुंच जाएंगे। पिछले चार वर्षों के अंदर ‘सहकारी क्षेत्र’ को कॉर्पोरेट सेक्टर’ के समान अधिकार मिले हैं।

एक जमाने में अर्थतंत्र के जानकारों ने सहकारिता को ‘डाइंग सेक्टर’ घोषित कर दिया था। आज वही लोग कहते हैं कि सहकारिता का भी भविष्य है। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी को कहना चाहता हूँ कि सहकारिता का भी भविष्य है नहीं, सहकारिता का ही भविष्य है।’ उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों को साथ लेकर देश का समविकास करने की क्षमता केवल सहकारिता में ही है। छोटी-छोटी पूंजी वाले अनेक लोगों को मिलाकर बड़ी पूंजी बनाकर एक उद्यम स्थापित करने की क्षमता केवल सहकारिता में है।

Amit Shah ने कहा कि नई नीति तैयार करने के लिए 48 सदस्यीय एक समिति बनी थी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने की। इस समिति में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय सरकार के अधिकारी, सहकारी संघों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल थे।

Amit Shah  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2027 में भारत को विश्व के तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बनाने का लक्ष्य रखा है

श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता मंत्रालय बनाया और इसकी जिम्मेदारी ऐसे शख्स को दी जो सहकारिता की बहुत अच्छे समझ रखते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय में शानदार काम हो रहा है। सहकारिता हमारी पाँच हज़ार साल पुरानी संस्कृति है। सहकारिता से सिर्फ देश ही विकसित नहीं होगी बल्कि व्यक्ति का भी विकास होगा।

 

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