नई दिल्ली। Amit Shah : सहकारिता के जरिए समृद्धि के प्रयासों के तहत केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों के दौरान देश के सभी गांवों में सहकारी संस्थाएं खोलने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता Amit Shah ने सोमवार को दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के मौके पर राज्यों के सहकारिता मंत्रियों के साथ ”मंथन बैठक” की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सहकारिता नीति जल्द बनाने की घोषणा की।
‘अगले साल तक माओवाद का हो जाएगा सफाया’, Amit Shah की चेतावनी
इसके तहत राज्यों की नीति उनकी जरूरत के अनुसार बनाई जाएगी। Amit Shah ने राज्यों के सहकारिता मंत्रियों को कृषि मंत्रियों के साथ मिलकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया, ताकि जनस्वास्थ्य और धरती दोनों का हित हो। यह भी कहा कि प्रत्येक राज्य का कम से कम एक सहकारी प्रशिक्षण संस्थान त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी से जुड़े और राज्य के सहकारी प्रशिक्षण की समग्र व्यवस्था का नेतृत्व करे।
Amit Shah ने राज्यों के सहकारिता मंत्रियों को कृषि मंत्रियों के साथ मिलकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
बैठक का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षा, उपलब्धियों का आकलन और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करना है। अमित शाह ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के फरवरी तक दो लाख नए पैक्स बनाने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाए। करोड़ों लोग जीवन को बेहतर बनाने के लिए उद्यम करना चाहते हैं, मगर पूंजी नहीं है। सहकारिता से यह संभव है, क्योंकि इसमें अपार संभावनाएं हैं।

