भुवनेश्वर। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को शांति का संदेश देना चाहिए। उन्होंने सीएम योगी की टिप्पणी को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि कोई भगवा वस्त्र पहनने से योगी हो जाता है, लेकिन गीता में बताया गया है कि जो दूसरे का दुख समझे, वह योगी है। उन्होंने ईडी पर निशाना साधते हुए कहा कि इसे समाप्त कर देना चाहिए।
‘जीरो टॉलरेंस’ जीरो हो गया, वैसे ही ‘जीरो पार्वटी’ भी जुमला साबित होगा : Akhilesh Yadav
उन्होंने कहा कि जितने भी झगड़े या दंगे होते हैं, उनमें भाजपा का हाथ होता है। उन्होंने आगे कहा, ”मुझे याद है कन्नौज में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने एक मंदिर में जानवर का मांस फेंकवाया और इस काम के लिए एक गरीब को चुना। जब गरीब ने उस काम को करने के लिए मना कर दिया, तो उन्हें पैसों का लालच दिया गया, फिर उसके साथ भाजपा कार्यकर्ता गए और मंदिर में मांस फेंकवाया। इसके बाद हिंदू-मुस्लिमों में झगड़े हुए, कई दुकानें जलीं और काफी नुकसान हुआ था।”
Akhilesh Yadav धार्मिक बयानबाजी से हमें बचना होगा
Akhilesh Yadav ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था और अब भी कह रहा हूं कि धार्मिक बयानबाजी से हमें बचना होगा। हम कोई भी ऐसा बयान न दें, जिससे किसी को नुकसान पहुंचे।
इस दौरान अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेताओं पर ईडी की कार्रवाई को लेकर कहा कि ईडी को समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने ही ईडी बनाई थी और आज ईडी की वजह से उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ईडी जैसे विभाग को समाप्त कर देना चाहिए।”
Akhilesh Yadav ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने तीन बार देश को प्रधानमंत्री दिया। सबसे ज़्यादा सांसद चुनकर भेजे, और भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में सरकार बनाने का पूरा समर्थन दिया, लेकिन जब बात बजट की आती है, चाहे वह नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट हो या किसी और बड़े प्रोजेक्ट की, तो यूपी के साथ बार-बार भेदभाव होता है। अगर हम इस भेदभाव पर सवाल उठाएं, तो हमारे इरादों पर ही शक किया जाने लगता है।
Akhilesh Yadav ने कहा कि अभी हाल ही में हमारे यहां कुंभ हुआ। हमने भी आस्था के साथ डुबकी लगाई, लेकिन भाजपा के नेता पिछले कुंभ की अपनी डुबकी की तस्वीर तक नहीं दिखा सकते। हम तो हर बार कुंभ में शामिल रहे। हमारे नेता जी की तस्वीरें भी मौजूद हैं, लेकिन इस सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले कुंभ में जो श्रद्धालु खो गए, उनकी कोई सूची आज तक सार्वजनिक नहीं हुई। जिनकी जान गई, उनके नाम तक सरकार नहीं बता पा रही, ऐसा क्यों? ताकि मुआवज़ा न देना पड़े?

