वाराणसी। Ajay Rai : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष Ajay Rai ने पीएम मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश को प्रधानमंत्री से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित सीजफायर जैसे महत्वपूर्ण विषय पर एक शब्द नहीं बोला।
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Ajay Rai ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पूरे देश को उम्मीद थी कि देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीजफायर घोषणा के बारे में कुछ स्पष्ट करेंगे। आमजन में भी यही चर्चा थी कि प्रधानमंत्री मोदी बताएंगे कि यह सीजफायर क्यों हुआ, उसके पीछे क्या कारण थे और यह फैसला अमेरिका की ओर से क्यों घोषित किया गया।
लेकिन पीएम मोदी ने इस गंभीर मसले पर एक शब्द भी नहीं कहा। Ajay Rai ने सवाल करते हुए कहा कि देश को आखिर चला कौन रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? उन्होंने कहा कि देश चिंतित है कि आखिर तीसरे देश के नेता भारत के आंतरिक मामलों में कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं।
राहुल गांधी द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग पर सवाल किए जाने पर अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी की बात बिल्कुल उचित है। इससे पहले भी जब सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, तो स्वयं प्रधानमंत्री उसमें शामिल नहीं हुए। आज देश के 140 करोड़ लोगों की आवाज को सुनने का समय है और वह आवाज लोकसभा में उनके प्रतिनिधियों के जरिए ही उठेगी।
संसद में चर्चा होनी चाहिए और जो मुद्दे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं, उन पर बंद कमरे में विचार किया जा सकता है, लेकिन बाकी बातों को देश के सामने लाना चाहिए। अगर ट्रंप ने कहा कि सीजफायर नहीं करेंगे तो व्यापार नहीं होगा – क्या यही कारण था? देश जानना चाहता है। संसद सत्र बुलाइए, सारी बातें स्पष्ट होंगी।
प्रधानमंत्री मोदी की सेना के जवानों से मुलाकात को लेकर अजय राय ने कहा कि यह बेहद आवश्यक है कि सेना का मनोबल बढ़ाया जाए। सेना ने जिस बहादुरी से जवाब दिया, हम सभी देशवासी उन्हें सलाम करते हैं।
Ajay Rai प्रधानमंत्री उन 26 शहीदों के परिवारों से अब तक नहीं मिले, जो पहलगाम में मारे गए
लेकिन साथ ही यह भी दुखद है कि प्रधानमंत्री उन 26 शहीदों के परिवारों से अब तक नहीं मिले, जो पहलगाम में मारे गए। वे खुशी-खुशी अपने परिवार संग यात्रा पर गए थे और उनके पार्थिव शरीर लौटे। प्रधानमंत्री मोदी को चाहिए कि वह उनके बीच जाकर सांत्वना दें, जैसे राहुल गांधी ने शुभम द्विवेदी और विनय नरवाल के परिवारों से मिलकर किया।

