अहमदाबाद । Ahmedabad plane crash में दूसरा ब्लैक बॉक्स बरामद हुआ है। इसके बाद जांचकर्ताओं ने जांच तेज कर दी है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर), जिसे आमतौर पर दूसरा ब्लैक बॉक्स कहा जाता है। उसे मलबे के कॉकपिट भाग से निकाल लिया गया है।
Ahmedabad Plane Crash: सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति, हादसे के कारणों का लगाएगी पता
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर ) एक महत्वपूर्ण उपकरण है। जो विमान के कॉकपिट में होने वाली सभी आवाजों को रिकॉर्ड करता है। जिसमें पायलटों के बीच बातचीत, रेडियो प्रसारण, अलार्म की आवाज और दुर्घटना से पहले के अंतिम क्षणों में होने वाली कोई भी पृष्ठभूमि की आवाज शामिल है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) जांचकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह चालक दल के निर्णय लेने की प्रक्रिया को फिर से बनाने, संभावित मानवीय त्रुटियों या यांत्रिक चेतावनियों की पहचान करने और घटनाओं के अनुक्रम को निर्धारित करने में मदद करता है। यह दुर्घटना की जांच के लिए एक अहम सुराग देता है।
Ahmedabad plane crash सीवीआर और एफडीआर का विश्लेषण किया जा रहा
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के अधिकारियों ने कहा कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर ) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) का विश्लेषण किया जा रहा है। सीवीआर से पायलटों की बातचीत और कॉकपिट की आवाजों जैसे महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है, जो दुर्घटना के कारणों और घटनाओं के क्रम को समझने में मदद करेंगे।

