गोरखपुर। President Murmu ने मंगलवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के अकादमिक भवन, प्रेक्षागृह व पंचकर्म सेंटर का लोकार्पण तथा महिला छात्रावास का शिलान्यास किया। राष्ट्रपति ने वन महोत्सव के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा रोपा, फिर प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
चिकित्सा केवल प्रोफेशन नहीं, मानवता की सेवा है : President Murmu
President Murmu ने कहा कि नए महिला छात्रावास का शिलान्यास कर सबसे अधिक खुशी हो रही है। शिक्षा ही सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए यह कदम नारी सशक्तीकरण की दिशा में अमूल्य पहल है। महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरित सभी संस्थानों में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना प्रसारित होती है।
लगभग 700 वर्ष पहले महाराणा प्रताप ने राष्ट्र गौरव के लिए त्याग और पराक्रम का जो आदर्श प्रस्तुत किया था, वह देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। President Murmu ने आशा जताई कि इस विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थी प्रोफेशनल एजुकेशन पर आधारित उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ आध्यात्मिकता तथा राष्ट्रप्रेम के आदर्शों को अपने आचरण में ढालेंगे।
यह संस्थान महंत दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनकी परंपरा के अनुरूप गोरक्षपीठ व महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े सभी संस्थानों, व्यक्तियों (विशेषकर युवाओं) को जनसेवा, शिक्षा तथा भारत के सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अगाध श्रद्धा के साथ कार्य करना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर से निकली गौरवशाली शाखाओं में से महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय भी शोभायमान है। विश्वविद्यालय के नए भवन में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थी, शिक्षक और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ेंगे।
President Murmu ने कहा कि मानव शरीर को दोषमुक्त बनाने में पंचकर्म की प्रक्रिया बहुत प्रभावी सिद्ध हुई है। इस क्रिया की सहायता से असाध्य रोगों के सफल उपचार के उदाहरण देखने को मिलते हैं। नए पंचकर्म केंद्र से अधिकाधिक लोग लाभान्वित हो पाएंगे।
President Murmu ने कक्षा सात की पढ़ाई पूरी करके मैं सत्र 1970-71 में आठवीं व उसके आगे की पढ़ाई करने के लिए अपने गांव से 300 किमी. दूर भुवनेश्वर गई। 55 वर्ष पहले वह दूरी भी बहुत अधिक थी, क्योंकि तब आवागमन के साधन बहुत सीमित हुआ करते थे।
मुझसे पहले मेरे गांव की कोई बालिका बाहर पढ़ने नहीं गई थी। भुवनेश्वर में मुझे महिला छात्रावास में रहने की सुविधा मिली। अब तो बहुत बदलाव आ चुका है। हमारी बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित कर रही हैं, लेकिन आज भी अनेक बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
President Murmu मानव शरीर को दोषमुक्त बनाने में पंचकर्म की प्रक्रिया बहुत प्रभावी सिद्ध हुई
बेटियों के लिए सुरक्षित आवास न होने से उनकी उच्च शिक्षा की यात्रा में अवरुद्ध होता है। कभी-कभी शिक्षा रूक भी सकती है, इसीलिए विश्वविद्यालय में नए बालिका छात्रावास की स्थापना का निर्णय महिलाओं की उच्च शिक्षा में बहुत बड़ा योगदान है।

