अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Sahaswan news:-स्थानांतरण के बाद जाते-जाते तहसीलदार शर्मनानंद सरसोता तीर्थ स्थल की भूमि पर आंधी से क्षतिग्रस्त हुए लाखों रुपए कीमत के पेड़ों की नीलामी चंद पैसों में करके हुए रफू चक्कर,  तहसीलदार सरसोंता कमेटी के प्रबंधक पद का फायदा उठाकर बिना नोटिफिकेशन के पेड़ों की कर गए नीलामी, भक्त जनों में रोष, भक्त जनों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर नीलामी की जांच कराए जाने की मांग,

On: June 30, 2025 8:18 PM
Follow Us:
---Advertisement---

स्थानांतरण के बाद जाते-जाते तहसीलदार शर्मनानंद सरसोता तीर्थ स्थल की भूमि पर आंधी से क्षतिग्रस्त हुए लाखों रुपए कीमत के पेड़ों की नीलामी चंद पैसों में करके हुए रफू चक्कर,

तहसीलदार सरसोंता कमेटी के प्रबंधक पद का फायदा उठाकर बिना नोटिफिकेशन के पेड़ों की कर गए नीलामी,

भक्त जनों में रोष, भक्त जनों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर नीलामी की जांच कराए जाने की मांग,

(सहसवान से समय इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)

सहसवान (बदायूं) सहसवान नगर की ऐतिहासिक तीर्थ स्थल सरसोता

कमेटी के प्रबंधक/तहसीलदार सहसवान तहसील से जनपद औरैया स्थानांतरित होने से पूर्व तीर्थ स्थल सरसोता की भूमि पर लाखों रुपए कीमत की आंधी तूफान में जमीन पर पड़ी लकड़ी को मात्र चर्चा है मात्र बीस हजार रुपए मैं बिना किसी समाचार पत्र में कराए पब्लिकेशन के नीलामी की मात्र औपचारिकता पूर्ण करके लाखों रुपए का गोलमाल कर गए ऐसी ही एक शिकायत भक्त जनों ने मुख्यमंत्री आइजीआरएस पोर्टल पर करते हुए तत्कालीन तहसीलदार शर्मनानंद यादव के विरुद्ध जांच कराए जाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को आइजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत में शिकायतकर्ताओं ने बताया की सहसवान तहसीलदार सहसवान नगर के तीर्थ स्थल सरसोता के पदेन प्रबंधक हैं पदेन प्रबंधक के नाते सरसोता तीर्थ स्थल, सैकड़ो बीघा भूमि की देखरेख का कार्य उन्हीं के सुपुर्द है तहसीलदार ही उसकी देखभाल करते हैं सरसोंता तीर्थ स्थल पर बीते एक माह से समरसेबल जलने के कारण खराब पड़ा है जिसके कारण सरसोता में एक भी बूंद पानी नहीं है श्रद्धालु सरसोटा तीर्थ स्थल पर स्नान करने के लिए आते हैं परंतु वह निराश होकर वापस चले जाते हैं सरसोंता तीर्थ स्थल की सैकड़ो बीघा भूमि पर खेती एवं वृक्ष तथा अमरूद के बाद खड़े हुए हैं बीते माह आई भयंकर आंधी के चलते लगभग नौ पेड़ क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिर गए नियम के मुताबिक क्षतिग्रस्त पेड़ों की नीलामी समाचार पत्र में नीलामी प्रकाशित होने के बाद होनी चाहिए थी परंतु तत्कालीन तहसीलदार शर्मनानंद यादव ने समाचार पत्र में नीलामी का प्रकाशन ना करना कराकर सिर्फ बाला बाला महेश कागजी कार्रवाई पूर्ण करते हुए अपने एक चाहते को लाखों रुपए कीमत की शीशम आम लिप्टिस नीम जामुन की लकड़ी मात्र ₹20000 में नीलम कर गए उपरोक्त तहसीलदार/बनाम सरसोंता कमेटी प्रबंधक शर्मनानंद यादव जाते-जाते सहसवान तहसील से कार्य मुक्त होने से पूर्व लकड़ी की नीलामी के नाम पर लाखों रुपए का गोलमाल कर गए तथा सरसोंता कमेटी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा गए। जब भक्त जनों को तत्कालीन तहसीलदार शर्मनानंद यादव की करतूत का पता चला तो भक्तजनों के होश उड़ गए उन्होंने तहसीलदार शर्मनानंद यादव की करतूत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से नीलामी की जांच करने के साथ-साथ तत्कालीन तहसीलदार शर्मानानंद यादव के सरसोता कमेटी प्रबंधक पद पर रहते हुए की गई मेलों की नीलामी, खेत की फसलों की नीलामी, आम के अमरूद बाग की नीलामी, तथा इस दौरान आंधी में गिरे हुए पेड़ों की नीलामी व सरसोंते की आय व्यय की जांच कराए जाने की मांग की है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!