प्रांतीय आह्वान पर कृषि खाद एवं उर्वरक विक्रेताओं ने किया प्रदर्शन,
कृषि खाद एवं उर्वरक विक्रेताओं ने जनपद के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे शोषण पर प्रशासन के विरुद्ध जमकर हंगामा किया,
तहसील परिसर में विक्रेताओं ने नारेबाजी की तथा एक स्वर में चेतावनी दी कि अगर विक्रेताओं का शोषण नहीं रोका गया तो विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए
विवस होंगे,
मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को विक्रेताओं ने सौपा ज्ञापन,
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)


सहसवान (बदायूं) प्रांतीय एवं आह्वान पर सहसवान तहसील क्षेत्र के समस्त कृषि खाद एवं उर्वरक विक्रेताओं ने जिला प्रशासन द्वारा विक्रेताओं की किया जा रहे शोषण के विरुद्ध नगर में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला तथा तहसील पर कर पहुंचकर हंगामा किया तथा अधिकारियों के मुर्दाबाद के नारे लगाए हंगामा के बीच पहुंचे एसडीम प्रेमपाल सिंह को विक्रेताओं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम तीन सूत्रीय एक ज्ञापन सौंप कर विक्रेताओं का शोषण बंद कराए जाने की मांग की ज्ञापन के उपरांत एसडीएम ने विक्रेताओं को आश्वासन दिया कि वह जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन को मुख्यमंत्री के लिए भेज देंगे।
ज्ञापन में विक्रेताओं ने बताया कि कंपनियों की टैगिंग से परेशान है जिले में रेट पॉइंट ना होने से प्राप्त बोरी₹30 अतिरिक्त भला ट्रक देना पड़ता है जिसमें ओवरराइटिंग होती है किस की शिकायत पर प्रशासन छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई कर देता है जबकि उनकी गलती नहीं होती है और व्रत निर्माता कंपनियों द्वारा यूरिया ₹250 होलसेल को बल दिया जाता है इस पर केवल चार से ₹5 भाड़ा दिया जा रहा है जबकि भाड़ा 20 से लेकर ₹25 तक आ रहा है और लोडिंग ओवरलोडिंग का भी कर से ₹5 लगा है जबकि भारत सरकार के नियमों के मुताबिक सभी खाद्य तेल के गोदाम तक एफ ओ आर सुविधा के तहत माल पहुंचना चाहिए लेकिन कोई भी फ नहीं दे रहा इसके अलावा 30% से लेकर 40 परसेंट तक का अन्य उत्पाद भी टैगिंग किया जा रहा है जिससे व्यापारियों की लागत बढ़ती जा रही है।
व्यापारियों ने ज्ञापन में बताया कि ऐसे में सरकार द्वारा निर्धारित रेट 266.50 रुपए पर यूरिया किसानों को कैसे दी जा सकती है जब व्यापारियों को मिल ही नहीं रही है यही स्थिति डीएपी /एनपीके की है।
ज्ञापन में जनपद में व्यापारियों द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की गई तथा तीन सूत्रीय ज्ञापन व्यापारियों ने एसडीएम प्रेमपाल सिंह को प्रदेश मुख्यमंत्री के नाम सौंपते हुए तत्काल ज्ञापन में दी गई मांगों को पूर्ण कराई जाने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में उज्जवल राठी प्रमोद कुमार नवनीत आलोक नसीर अहमद किशनलाल विवेकानंद बबलू यशवीर सिंह रुबैद नंदू विवेकानंद ए संतोष बच्चन आदि व्यापारियों के हस्ताक्षर हैं।
