Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 11 साल का सुनहरा सफर पूरा कर लिया हैं। यह तो केवल शुरुआत है। 26 मई 2014 को शुरू हुई यह यात्रा सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र पर आधारित रही है। भारत का कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो मोदी सरकार के विकास कार्यों से अछूता रहा हो।
‘सिंदूर‘ भारत के शौर्य का प्रतीक : Narendra Modi
इन वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक मंच पर जो प्रगति की है दुनिया उसकी हामी भर रही है। आर्थिक मोर्चे पर जब बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा रही है तब भारत 11 वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह कोई छोटी बात नहीं है।
इस स्थान पर पहुंचने में मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं का बड़ा योगदान रहा है जिन्होंने निवेश और नवाचार को बढ़ावा दिया। अगर बात स्वच्छ भारत मिशन की करें तो इस अभियान ने 11.72 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया, जबकि जल जीवन मिशन ने 11.82 करोड़ ग्रामीण घरों को नल जल कनेक्शन प्रदान किया।
मेरा मानना है कि स्वच्छ भारत अभियान’ सिर्फ शौचालय बनाने तक सीमित नहीं है, स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो भी हमें स्वच्छ भारत अभियान का सीधा फायदा मिला है।
महिला सशक्तिकरण पर भी Narendra Modi सरकार का विशेष जोर रहा
महिला सशक्तिकरण पर भी Narendra Modi सरकार का विशेष जोर रहा है जिसमें 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण महिलाओं को दिए गए और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी 28 फीसदी बढ़ी। दुनिया की सबसे बड़ी आरोग्य योजना जिसे Narendra Modi केयर योजना भी कहा जाता है, इस आयुष्मान भारत योजना ने 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया। विदेश नीति में भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति और वैश्विक मंचों पर बढ़ती साख ने देश को एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है।

