बनदरोंगा द्वारा अनुसूचित जाति के वनविद के साथ की गई मारपीट गाली गलौज तथा जान से मार देने की धमकी के मामले में पुलिस क्षेत्र अधिकारी ने न्यायालय में आरोप पत्र किया दाखिल,
माननीय न्यायालय से बनदरोगा को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए सम्मन हुआ जारी,
बन दरोगा को 20 जून के लिए न्यायालय में जमानत के लिए करना होगा आवेदन,
अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला हुआ था थाना कोतवाली में दर्ज,
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) सामाजिक वानिकी क्षेत्र सहसवान कार्यालय पर तैनात वनविद विजय सिंह पुत्र शोबरन सिंह ने अनुसूचित,अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रेषित प्रार्थना पत्र में बताया की वह एक दिसंबर वर्ष 2024 को सुरक्षा श्रमिक रोदास ,विनीत कुमार के साथ प्रभागीय कार्यालय बदायूं से कार्य निपटाकर शाम को अपने आवास जो परिसर में ही बना हुआ है पहुंचा था जहां वह वन क्षेत्र अधिकारी से कार्यालय के संबंध में वार्ता करने लगा वार्ता के बाद उसने अपनी रसोई का खाना बनाने वाले पुष्पेंद्र यादव से दाल चावल बनाने के लिए कहा जिस पर पुष्पेंद्र ने बताया बन दरोगा अनिल राजपूत ने मुर्गा का मीट बनवा रखा है मैंने पुष्पेंद्र से कहा कि तुमने ऐसा क्यों किया तो नशे में धुत बन दरोगा अनिल राजपूत मेरे साथ गाली गलौज करने लगा मैं जब ऐसा करने को रोका तो मारपीट पर उतर आया तथा रसोई में घुसकर उसने सारा सामान इधर-उधर अस्त-व्यस्त कर दिया जिससे काफी सामान रसोई का टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया । कार्यालय स्टाफ कर्मचारियों तथा वन क्षेत्रधिकारी ने मुझे समझ बूझाकर मेरे कमरे में भेज दिया तो अनिल राजपूत ने मुझे बाहर निकलने पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मार देने की धमकी दे डाली मैंने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के लिए वन क्षेत्रधिकारी तथा प्रभागीय निदेशक बदायूं को तत्काल मामले से अवगत कराया तथा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के लिए अपने अधिकारियों वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा प्रदेश स्तर के कई पुलिस अधिकारियों तथा थाना कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया परंतु मामले की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज नहीं की जिस पर वनविद विजय सिंह ने अनुसूचित तथा अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष को पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई जिस पर आयोग अध्यक्ष ने थाना कोतवाली पुलिस को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए जिस पर थाना कोतवाली पुलिस ने पीड़ित विजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर अपराध संख्या 107 धारा 333 115/2 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया तथा जांच पुलिस क्षेत्र अधिकारी कर्मवीर सिंह को सौंपी गई।
पुलिस क्षेत्राधिकार कर्मवीर सिंह ने मामले की विवेचना करते हुए कई घटना के प्रत्यक्ष दर्शियों के बयान दर्ज किए। तथा जांच उपरांत घटना के पांच माह बाद अपराध संख्या 107 में न्यायालय के समक्ष घटना के एक मात्र मुख्य अभियुक्त बन दारोगा अनिल राजपूत को दोषी मानते हुए अनिल राजपूत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 333 115/2, 351/5 ,352, 324/2 तथा अनुसूचित एवं अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा 3(2)v a 3(1) r 3(1)s में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
आरोप पत्र माननीय न्यायालय 3ad Ad ANS SJ/SPL jaj SC/ST, P A,ACt बदायूं में 12 मई वर्ष 2025 ko न्यायालय में 3592 / 2025 को दर्ज कर अभियुक्त अनिल राजपूत को 20 जून वर्ष 2025 को सम्मन जारी कर न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराने के निर्देश दिए हैं।
