चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री Naib Singh Saini ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में एक सरकारी संस्थान का नाम महर्षि कश्यप के नाम पर रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तीर्थ स्थल कुरुक्षेत्र और कपाल मोचन में स्थापित कश्यप राजपूत धर्मशालाओं के विस्तार के लिए 21-21 लाख रुपये देने की भी घोषणा भी की।
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Naib Singh Saini आज कुरुक्षेत्र ज़िले के लाडवा में ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ के तहत आयोजित राज्य स्तरीय महर्षि कश्यप जयंती समारोह में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर Naib Singh Saini ने लाडवा में एक चौंक का नाम महर्षि कश्यप के नाम पर रखने तथा लाडवा, कुरुक्षेत्र या इंद्री में कश्यप राजपूत धर्मशाला की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी चेक करवा कर प्लॉट उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा रखी गई अन्य सभी मांगों की फिजिबिलिटी चेक करवाने के लिए सम्बंधित विभाग को भेजकर इन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने का कार्य किया जायेगा।
Naib Singh Saini मुनिराज कश्यप ने ज्ञान, तप और अनुसंधान से मानव सभ्यता को नई दिशा दी
महर्षि कश्यप को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रकाश स्तम्भ बताते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुनिराज कश्यप ने ज्ञान, तप और अनुसंधान से मानव सभ्यता को नई दिशा दी। उन्होंने समाज को नई दिशा देने के लिए स्मृति ग्रंथ और कश्यप संहिता जैसे महान ग्रंथों की रचना की। ऐसे महान ऋषि का प्रेरणादायक व्यक्तित्व हमेशा मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा।
महर्षि कश्यप को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि कश्यप समाज का इतिहास प्राचीन काल से ही गौरवशाली रहा है। इस समाज ने रामायण काल में निषाद जैसे शक्तिशाली राजा दिए। राजा निषाद ने ही भगवान रामचंद्र को वनवास के दौरान आश्रय दिया था। आज़ादी के आंदोलन में भी इस समाज ने सराहनीय भूमिका निभाई।

