पानीपत। बागेश्वर वाले बाबा के नाम से देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कर चुके पंडित Dhirendra Shastri शनिवार की शाम 6:30 बजे पानीपत के सेक्टर 13-17 के मैदान में तीन दिवसीय श्री हनुमंत कथा अमृत महोत्सव में पहुंचे। शुभारंभ हनुमान जी की आरती से हुआ। संतों ने पटका पहनाकर उनका स्वागत किया।
मेरठ में आचार्य Dhirendra Krishna Shastri की हनुमंत कथा का शुभारंभ
यहां भी Dhirendra Shastri ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि देवी-देवताओं की जय बोलते हुए हरियाणा के पागलों की जय…पानीपत के पागलों की जय… उन्होंने कहा कि पानीपत में कौन-कौन बालाजी का पागल है…लोग शांत रहे तो शास्त्री बोले कि तालियां कौन बजाएगा, पाकिस्तान वाले। उन्होंने पहलगाम की आतंकी घटना के संदर्भ में कहा कि हम वो हिंदू हैं जो गोली खा लेते हैं पर कलमा नहीं पढ़ते।
पानीपत को लेकर क्या बोले Dhirendra Shastri
कथा के मंच पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी रहे। श्री हनुमंत कथा आरंभ करने से पहले कहा कि कहो कैसे हो…डर रहे हो। पहली बार तीन दिन की कथा कहने पानीपत आए थे, जाते समय लोगों ने हमारी गाड़ी तोड़ दी थी। एक अम्मा तो साइड मिरर पर लटक गई थी। तभी ठान लिया था कि पानीपत में दोबारा कथा कहनी है। पानीपत कपड़ों की नगरी है, लड़ाइयों के लिए यह स्थान सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।
‘बन सकती थी अखबारों की हेडलाइन…’
वैसी लड़ाई नहीं…यह तो पुरानी बात है। करीब एक घंटा देरी से मंच पर पहुंचने पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारा प्रवास दूर बनाया गया था। तेज आंधी भी आ गई थी। कथा चल रही होती, आंधी आ जाती तो लोग कहते दूसरों की पर्ची देखने वाला बाबा अपनी पर्ची नहीं देख सका।

