अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

परमाणु शक्ति के दबाव में नहीं आएगा भारत, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति : C.N. Ashwath Narayan

On: May 14, 2025 8:46 PM
Follow Us:
C.N. Ashwath Narayan
---Advertisement---

बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक C.N. Ashwath Narayan ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन का समर्थन करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है।

पाकिस्तान को सबक सिखा रही भारतीय सेना, पूरा देश एकजुट : Tejashwi Yadav

C.N. Ashwath Narayan ने कहा कि यह संदेश न केवल भारतवासियों के लिए, बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि भारत किसी भी परमाणु शक्ति के दबाव में नहीं आएगा जो आतंकवाद का समर्थन करती हो।

C.N. Ashwath Narayan  ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आतंकवाद से निपटने के बाद ही किसी भी तरह की बातचीत संभव है। आतंकवाद को बर्दाश्त करने का कोई सवाल ही नहीं है। हम न तो इसे सहन करेंगे और न ही इस पर कोई समझौता करेंगे। आतंकवाद से सख्ती से निपटना भारत की पहली प्राथमिकता है और इसके बाद ही अन्य मुद्दों जैसे व्यापार या जल-बंटवारे पर विचार किया जा सकता है।

कांग्रेस पार्टी की ओर से संसद के विशेष सत्र की मांग पर उन्होंने कहा कि यह सत्र के लिए सही समय नहीं है, जब सही समय आएगा तो इन सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। हम एक लोकतांत्रिक देश हैं और हमारा संविधान चर्चा और सवाल-जवाब की आजादी देता है। कोई भी इसे रोक नहीं सकता। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन अभी वह समय नहीं है। उचित समय पर सभी मुद्दों पर खुली और पारदर्शी चर्चा होगी।

C.N. Ashwath Narayan भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला द्विपक्षीय है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मध्यस्थता के सवाल पर C.N. Ashwath Narayan ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला द्विपक्षीय है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी मुद्दा है, उसमें हमारा कोई मध्यस्थ नहीं है। मध्यस्थता का सवाल ही नहीं उठता, यह पूरी तरह से भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला है। जो कुछ भी हुआ है, जो भी रियायतें या रुख अपनाया गया है, वह दोनों देशों के आपसी फैसलों पर आधारित है।

भारत ने अपने फैसले खुद लिए हैं। भारत में क्या किया जाना चाहिए, इस बारे में कोई और सलाह नहीं दे सकता। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर मुद्दे के लिए हमें किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है। संदेश स्पष्ट था।

पाकिस्तान के साथ हालिया तनाव की तुलना 1971 के युद्ध से किये जाने के सवाल पर C.N. Ashwath Narayan ने कहा कि 2025 का युद्ध पूरी तरह से अलग है। यह आधुनिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन है, जहां भारत ने बिना कुछ खोए अपना लक्ष्य हासिल किया। भारत ने अपनी सैन्य क्षमता और कूटनीतिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया है।

भारत की नीति स्पष्ट है कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा। यह संदेश न केवल पड़ोसी देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply