लापरवाह तंत्र से परेशान व्यक्ति ने अधिकारियों के सामने डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश की।
चार बार तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कर चुका है रमेश पाल
घटना के बाद तहसील दिवस में मचा हड़कंप अधिकारियों के हाथ पैर फूले,
बदायूं जनपद की तहसील बिसौली में आयोजित समाधान दिवस में भ्रष्ट शासन तंत्र से परेशान शिकायतकर्ता ने समाधान दिवस में अपने ऊपर डीजल लौटकर आग लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया समाधान दिवस में हड़कंप मच गया तथा अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए।
पीड़ित ने बिसौली तहसील दिवस में शिकायत की। दो बार बीडियो का दरबाजा खटखटाया लेकिन चकरोड़ पर मिट्टी नहीं पड़ी। ऐसे में रमेश पाल क्या करता। लापरवाह तंत्र से परेशान उसने अधिकारियों के सामने डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परसेरा निवासी रमेश पाल ने शनिवार को तहसील समाधान दिवस में पहुंचे रमेश पाल ने केन से खुद पर डीजल छिड़का। वह आग लगाने की कोशिश कर रहे थे, तभी मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। तुरंत कोतवाली ले जाया गया और डीजल से भीगे कपड़े उतरवाए गए। यह देखकर तहसील दिवस में अफरा तफरी मच गई। रमेश पाल ने बताया कि वह पिछले चार महीने से परेशान है। उसने बीस वीघा आलू की फ़सल की है। इधर खेत को जाने वाले चकरोड़ में गहरे गहरे गड्डे हैँ। आस पास के खेत वालों का कब्जा है। इस समस्या को लेकर रमेश पाल ने चार बार तहसील दिवस में शिकायत की। दो बार खंड विकास अधिकारी कार्यालय का दरबाजा खटखटाया लेकिन चकरोड़ के गड्डे नहीं भरे गए। इतना ही नहीं गाँव के प्रधान से भी मनरेगा के अंतर्गत काम कराने का अनुरोध किया। लेकिन आज तक मेरी सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है। जब इस लापरवाह तंत्र से रमेश पाल हार गया तब उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
दरअसल इन दिनों जिले में प्रशासनिक और पुलिस दोनों स्तर पर व्यवस्थाएं लड़खड़ा चुकी हैं।
अफसरों के निर्देश को अधीनस्थ किसी स्तर पर मानने को राजी नहीं है। जहां एक ओर “एक जनवरी” को एसएसपी कार्यालय में ई रिक्शा चालक ने इसी बेलगाम सिस्टम से लगाम सिस्टम से तंग आकर आत्मदाह कर लिया तो अफसर की नींद टूटी।
वही आज एक मार्च को बिसौली के समाधान दिवस में 6 महीने से भटक रहे किसान ने आत्मदाह की कोशिश कर दी। शासन स्तर तक बिसौली तहसील के लापरवाह सरकारी तंत्र की जमकर किरकिरी हो रही है।

