दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लाखों सिटिंग जॉब करने वालों में ग्रेड 1 फैटी लिवर पाया जाने लगा है। जिसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय भी चिंचत है। फैटी लिवर को समय पर कंट्रोन नहीं किया तो इससे लिवर फंक्शन प्रभावित होता है और अगर फैटी लिवर ग्रेड 3 पर पहुंच गया तो लिवर फेल होने तक का खतरा बढ़ जाता है। हम सभी के लिवर में फैट होता है, लेकिन जब इस फैट की मात्रा नॉर्मल से 10 गुना ज्यादा हो जाती है तो इसे फैटी लिवर की श्रेणी में शामिल किया जाता है। इसमें लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। इससे बचने के लिए खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है। आचार्य बाल कृष्ण ने फैटी लिवर में फायदेमंद कुछ आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं, जो आपकी रसोई में ही मौजूद हैं।
फैटी लिवर का उपचार करने के लिए घरेलू नुस्खे
फैटी लिवर में आंवला- फैटी लिवर के लिए आयुर्वेद में आंवला चूर्ण को बहुत फायदेमंद माना गया है। इसके लिए करीब 4 ग्राम सूखे आंवला का चूर्ण दिन में 3 बार पानी के साथ लें। अगर आप इसे महीने भर तक इस्तेमाल करते हैं तो लिवर के रोगों में आराम मिलेगा। आंवला में एंटी ऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी होता है जो लिवर फंक्शन को बेहतर बनाता है। आंवला लिवर और शरीर को डिटॉक्स करता है। अगर आंवला पाउडर नहीं खा रहे हैं तो 3-4 कच्चे आंवला भी खा सकते हैं।
फैटी लिवर में छाछ- के खाने में छाछ पीएं। इसमें थोड़ी हींग, नमक, जीरा और काली मिर्च मिलाकर सेवन करने से फायदा ज्यादा होगा। इसके अलावा विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा, नींबू भी फैटी लिवर की समस्या को कम कर सकता है। बेहतर परिणाम पाने के लिए आप सुबह खाली पेट इनका सेवन करें।
फैटी लिवर में ग्रीन टी- फैटी लिवर होने पर लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। इसके लिए ग्रीन टी को भी फायदेमंद माना जाता है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर है, जो लिवर के काम करने के तरीके को बेहतर बनाते हैं और लिवर में जमा फैट को कम करते हैं। फैटी लिवर के मरीज रोजाना ग्रीन टी पीते हैं तो इससे उनको फायदा होगा.
फैटी लिवर में करेला जूस- फैटी लिवर का इलाज करने में करेले का जूस भी फायदेमंद होता है। करेला में पाये जाने वाले पोषक तत्व लिवर की समस्याओं को कम करने में असरदार माने जाते हैं। इससे लिवर डिटॉक्स होता है और लिवर में जमा फैट भी धीरे-धीरे कम होने लगता है। करेले का सेवन करने से आप फैटी लीवर की समस्या से बच सकते हैं।
फैटी लिवर में हल्दी- सभी के घरों में हल्दी को मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी लिवर पर आई सूजन को कम करती है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण शरीर के दूसरे अंगों की सूजन भी कम करते हैं। फैटी लिवर के इलाज में भी हल्दी का इस्तेमाल उपयोगी है।इसमें पाए जाने वाला हेपटो प्रोटेक्टिव गुण लिवर के फंकेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

