Dehradun Suicide Case : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्यार में मिले धोखे और लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना से टूटकर एक युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। युवक ने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने इस पूरे मामले की खौफनाक सच्चाई को परत-दर-परत खोलकर रख दिया है। Dehradun Suicide Case के इस मामले ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आज के दौर के उलझे हुए रिश्तों का एक खौफनाक अंजाम है।
बताया जा रहा है कि मृतक युवक देहरादून में कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर की गाड़ी चलाता था। वह रोजमर्रा की तरह अपना काम कर रहा था, इसलिए किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह अंदर ही अंदर किस कदर घुट रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और इस सुसाइड केस के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में छलका दर्द, लिखी खौफनाक सच्चाई
असल में, पुलिस को मृतक के पास से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें उसने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम साफ-साफ लिखे हैं। युवक अपनी गर्लफ्रेंड और उसके एक अन्य प्रेमी (लवर) से बुरी तरह परेशान था। सुसाइड नोट में इस बात का स्पष्ट जिक्र किया गया है कि इन दोनों ने मिलकर उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसे हारकर अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा।
Dehradun Suicide Case: पुलिस ने शुरू की कड़ी तफ्तीश
इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और उस कमरे की तलाशी ली जहां युवक ने फांसी लगाई थी। दरअसल, अब पुलिस इस सुसाइड नोट को मुख्य सबूत मानकर मृतक की गर्लफ्रेंड और उसके कथित प्रेमी की तलाश में जुट गई है। जल्द ही पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकती है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और तथ्यों के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
परिवार सदमे में, मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
जवान बेटे की अचानक मौत की खबर सुनते ही परिवार पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में चीख-पुकार मची हुई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक स्वभाव से काफी शांत था और अपने काम से काम रखता था। मोहल्ले वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि कृषि विभाग में नौकरी करने वाला यह सीधा-सादा लड़का ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगा।
यह पूरी घटना इस बात की ओर भी गंभीर इशारा करती है कि कैसे आजकल के रिश्तों की उलझनें युवाओं को डिप्रेशन और फिर मौत के मुंह में धकेल रही हैं। फिलहाल, देहरादून पुलिस की तफ्तीश जारी है और अब यह देखना बाकी है कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और पीड़ित परिवार को न्याय कितनी जल्दी मिल पाता है।

