Uttrakhand news,देवभूमि : उत्तराखंड के लिए जम्मू-कश्मीर से एक बेहद दुखद और आंखें नम कर देने वाली खबर सामने आई है। देश की रक्षा करते हुए उत्तराखंड के एक और होनहार लाल ने अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया है। अल्मोड़ा जिले के रहने वाले भारतीय सेना के एक युवा लेफ्टिनेंट जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए हैं। इस खबर के आते ही पूरे प्रदेश और शहीद के पैतृक गांव में मातम पसर गया है।
महज 2 साल पहले ही पहनी थी सेना की वर्दी
शहीद अफसर के अदम्य साहस और शहादत की खबर सुनकर हर किसी का सीना गर्व से तो चौड़ा है, लेकिन आंखें आंसुओं से भरी हैं। जानकारी के मुताबिक, इस वीर सपूत ने महज दो साल पहले ही भारतीय सेना (Indian Army) जॉइन की थी। इतनी कम उम्र में देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले इस जांबाज लेफ्टिनेंट पर आज पूरा देश फक्र कर रहा है।
अल्मोड़ा स्थित उनके घर पर जैसे ही शहादत की खबर पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आस-पड़ोस और रिश्तेदारों की भीड़ उनके घर पर जुटने लगी है। हर कोई उस वीर माता-पिता को सांत्वना देने पहुंच रहा है, जिन्होंने अपना जवान बेटा भारत माता के चरणों में सौंप दिया।
वायुसेना के विशेष विमान से लाया जा रहा पार्थिव शरीर
शहीद लेफ्टिनेंट का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का विशेष विमान उनके पार्थिव शरीर को लेकर आ रहा है। इसके बाद पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी जाएगी।
शहादत से जुड़ी अहम बातें एक नज़र में:
शहीद का मूल निवास: उत्तराखंड का अल्मोड़ा जिला।
रैंक: भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट।
कहाँ हुई शहादत: जम्मू-कश्मीर में देश की सीमाओं की रक्षाकरते हुए।

