अमर ज्योति घोटाले के आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो होगा आंदोलन
बदायूं|अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड घोटाले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और निवेशकों की रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को पीड़ित निवेशकों और अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में कहा गया कि चार मुकदमे दर्ज होने,आरोपियों पर इनाम घोषित होने और न्यायालयी राहत समाप्त होने के बावजूद मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। ज्ञापन में बताया गया कि कंपनी निदेशक शशिकांत मौर्य,सूर्यकांत, श्रीकांत और अन्य नामजद आरोपी करोड़ों रुपये की ठगी के मामलों में वांछित चल रहे हैं।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अब उनकी याचिकाएं निस्तारित हो चुकी हैं और गिरफ्तारी में कोई कानूनी बाधा नहीं बची है।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव एडवोकेट अरविंद पाल सिंह परमार ने बताया कि बदायूं में कंपनी के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि बरेली में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पीड़ितों में नाराजगी बढ़ा रहा है।ज्ञापन में कहा गया कि इस घोटाले से बदायूं के करीब 15 हजार निवेशक प्रभावित हुए हैं, जिनमें दिहाड़ी मजदूर, दुकानदार, महिलाएं, व्यापारी और अधिवक्ता शामिल हैं। कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने अपनी कई संपत्तियां पहले ही ठिकाने लगा दी हैं।उन्होंने मांग की कि आरोपियों की शेष चल-अचल संपत्तियां जब्त कर निवेशकों की रकम वापस दिलाई जाए।ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट अरविंद पाल सिंह परमार,मुकेश कुमार,गजेंद्र, रूपल,अर्जुन,बबली,लज्जावती,उर्मिला,गुड़िया,रुखसार,राजकुमारी,सफिया और नईम अहमद समेत अन्य लोग शामिल रहे।
