उत्तरकाशी (गंगोत्री): उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान पवित्र गंगोत्री धाम से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां भागीरथी नदी के घाट पर स्नान करते समय एक महिला श्रद्धालु का अचानक पैर फिसल गया और वह नदी की तेज धारा में बह गई। मौके पर मौजूद लोगों और बचाव कर्मियों ने उसे बाहर निकालकर बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पैर फिसलने से नियंत्रण खो बैठी महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब महिला श्रद्धालु गंगोत्री मंदिर में दर्शन से पहले भागीरथी नदी के घाट पर स्नान कर रही थी। पहाड़ पर बर्फ पिघलने के कारण भागीरथी नदी का जलस्तर और बहाव काफी तेज था, साथ ही पानी भी बर्फ की तरह ठंडा था। स्नान करते समय अचानक महिला का पैर किसी पत्थर से फिसला और वह अपना नियंत्रण खो बैठी, जिसके बाद वह पलक झपकते ही भागीरथी की तेज और बर्फीली लहरों में बहने लगी।
रेस्क्यू और CPR के बावजूद तोड़ा दम
महिला को नदी में बहता और डूबता देख वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और घाट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों में चीख-पुकार मच गई। तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से महिला को नदी से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के तुरंत बाद उसे प्राथमिक उपचार के तौर पर सीपीआर (CPR – Cardiopulmonary Resuscitation) देकर उसकी सांसें लौटाने की पूरी कोशिश की गई। लेकिन दुर्भाग्यवश, शरीर में अत्यधिक पानी भर जाने और कड़ाके की ठंड के कारण महिला को बचाया नहीं जा सका।
प्रशासन की अपील: घाटों पर बरतें अतिरिक्त सावधानी
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस महिला की शिनाख्त कर उसके परिजनों को घटना की सूचना देने की कार्रवाई कर रही है।
इस दुखद हादसे के बाद उत्तरकाशी जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) ने चारधाम यात्रा पर आ रहे सभी श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है। प्रशासन ने हिदायत दी है कि वे नदियों के घाटों पर स्नान करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, सुरक्षा के लिए लगाई गई बेरिकेडिंग (Barricading) और जंजीरों को पार न करें, और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें।

