48 घंटे में बदायूं पुलिस की बड़ी सफलता लगी हाथ
#शादी समारोह से अपहृत मासूम सकुशल बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार


बदायूं:थाना इस्लामनगर पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए शादी समारोह से अपहृत 01 वर्षीय मासूम सौरभ को महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने 05 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (DL1ZC2948) भी बरामद की है। घटना के सफल अनावरण पर बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा टीम को ₹50,000 से पुरस्कृत किया गया।
16 अप्रैल 2026 की रात करीब 12:30 बजे कस्बा इस्लामनगर स्थित मोनार्क फार्म हाउस में एक शादी समारोह के दौरान ग्राम सिरसा (थाना रजपुरा, संभल) निवासी भूखन प्रजापति का 01 वर्षीय पुत्र सौरभ कमरे में सो रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात महिला बच्चे को उठाकर फरार हो गई। इस घटना के संबंध में थाना इस्लामनगर पर मु0अ0सं0 87/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया एवं क्षेत्राधिकारी बिल्सी के पर्यवेक्षण में 04 पुलिस टीमें गठित कर जांच शुरू की गई। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार चिन्हित हुई, जो मुनेश निवासी बुलंदशहर के नाम पंजीकृत थी।
पुलिस द्वारा मुनेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि वह अपनी रिश्तेदार खुशबू के साथ शादी में गया था। मौका पाकर खुशबू ने कमरे में सो रहे मासूम को उठा लिया और दोनों उसे लेकर आगरा चले गए। वहां दिनेश नामक व्यक्ति के माध्यम से बच्चे को सोनू नाम के व्यक्ति को ₹70,000 में बेचने का सौदा किया गया, जिसमें ₹20,000 एडवांस भी लिया गया था।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आगरा पहुंचकर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और पूरे मामले में शामिल 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में खुशबू, मुनेश, दिनेश, बबली (सोनू की पत्नी) और पूजा शामिल हैं। पूछताछ में बबली ने बताया कि संतान न होने के कारण उसने यह बच्चा खरीदा था।
मामले में साक्ष्यों के आधार पर धारा 137(2), 142, 143(4), 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आरोपी मुनेश के विरुद्ध पूर्व में भी धारा 279/304A/338 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज है।
इस सराहनीय कार्रवाई में थाना इस्लामनगर पुलिस, एसओजी टीम एवं सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तत्परता से एक मासूम की जान बची और एक संगठित अपराध का पर्दाफाश हुआ।

