Moradabad News-मुरादाबाद: थाना सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित काठ रोड पर बनी 9वीं वाहिनी पीएसी (PAC) में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब वहां तैनात एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से न केवल पीएसी परिसर, बल्कि पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जवान की मौत की खबर मिलते ही साथी कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पूरा माहौल गमगीन हो गया। मृतक की पहचान 34 वर्षीय विकास गौतम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मेरठ जनपद के थाना किठौर क्षेत्र स्थित ग्राम बटीपुरा के निवासी थे।
2019 से मुरादाबाद में थे तैनात, स्वभाव से थे शांत
मिली जानकारी के अनुसार, विकास गौतम वर्ष 2019 से मुरादाबाद स्थित 9वीं वाहिनी पीएसी में तैनात थे। वर्तमान में वे महिला आरक्षी वर्ग को प्रशिक्षण (Training) देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके साथी जवानों ने बताया कि विकास अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के कारण साथियों के बीच एक बेहद शांत और अनुशासित जवान के रूप में जाने जाते थे।
संदिग्ध हालात में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
घटना उस समय सामने आई जब पीएसी परिसर में मौजूद अन्य जवानों को विकास गौतम की संदिग्ध हालात में मौत की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों व स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही मौके से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मृतक के मोबाइल फोन व अन्य व्यक्तिगत सामान की भी गहनता से जांच की जा रही है, जिससे घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें।
पारिवारिक तनाव का अंदेशा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
प्रारंभिक जांच और सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि मामला पारिवारिक तनाव से जुड़ा हो सकता है और मृतक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि, पुलिस अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और हर संभावित पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन मुरादाबाद घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
सुरक्षा बलों के मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
फिलहाल इस संवेदनशील मामले में अब तक किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। यह दुखद घटना एक बार फिर सुरक्षा बलों के भीतर तनाव और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) जैसे गंभीर व संवेदनशील मुद्दों की ओर इशारा करती है, जिस पर विभागीय स्तर पर ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी है।

