*फैसला कराने के लिए बुलाया था पीड़ित वृद्ध को तहसील*
“नायब तहसीलदार ने गाली गलौज करते हुए किया अभद्र व्यवहार”
*जूते से मारने तथा मुकदमा लिखवाने की धमकी देकर तहसील से धक्के देकर किया बाहर*
#पीड़ित वृद्ध ने नायव तहसीलदार के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने तथा भू माफियो के विरुद्ध अपराध पंजीकृत ना होने पर तहसील कार्यालय में आत्मदाह करने की भी चेतावनी#

*20 मार्च को भी पीड़ित वृद्ध शपथ पत्र के साथ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को आत्मदाह करने की दे चुका है धमकी*

सहसवान (बदायूं) एक तरफ उत्तर प्रदेश शासन भूमाफियाओं के विरुद्ध एंटी भू माफिया पोर्टल पर अपराध पंजीकृत कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दिन-रात एक कर रहा है वही चंद पैसों की खातिर तहसील प्रशासन के आला अधिकारी भूमाफियाओं से कंधे से कंधा मिलाकर गरीब असहाय कमजोर लोगों के साथ अन्याय करने पर तुले हुए हैं ऐसा ही एक मामला सहसवान तहसील क्षेत्र के ग्राम जरीफ़पुर गढ़िया का है जहां 72 वर्षीय वृद्ध किसान सियाराम पुत्र टीकाराम जाटव ने प्रदेश मुख्यमंत्री एवं राजस्व बोर्ड को प्रेषित शिकायती पत्र में बताया की वह मेहनत मजदूरी गुजर बसर करने के वास्ते घर से बाहर अन्य प्रदेशों में परिवार सहित मेहनत मजदूरी करने के लिए निकल जाते हैं इसी बीच ग्राम के रकबा में गाटा संख्या 450 में लगभग साढे 5 बीघा भूमि से खातेदारो के साथ है प्रार्थी की भूमि पर प्रार्थी के परिजनों के बाहर चले जाने पर ग्राम के ही प्रेम सिंह पुत्र गोवर्धन ग्राम अबू नगर, निवासी ग्रामजरीफनगर गड़िया हीरालाल पुत्र भगवान हरि सिंह पुत्र रामनिवास, राजेंद्र पुत्र नत्थू निवासी ग्राम हुसैनपुर जनपद कासगंज ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है भूमि पर कब्जा करने की शिकायत उसने मुख्यमंत्री आइजीआरएस पोर्टल पर स्वयं भी की तथा स्वयं मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचकर अपनी व्यथा को मुख्यमंत्री जी को सुनाया मुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व टीम ने मौके पर जाकर पैमाइश की जिसमें पैमाइश के दौरान उपरोक्त लोगों का अवैध रूप से कब्जा पाया गया प्रार्थी ने राजस्व अधिकारियों से उपरोक्त भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाए जाने की गुहार लगाई तो मौके पर नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार राजस्व टीम के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे और उन्होंने पैमाइश को गलत ठहराते हुए कहां की किसी का तुम्हारी भूमि पर कब्जा नहीं है तुम्हारा प्रार्थना पत्र झूठ है हमने दोबारा मुख्यमंत्री आइजीआरएस पोर्टल पर जब शिकायत की तो तहसील कार्यालय से मुझे फैसला कराने के वास्ते मोबाइल पर कॉल करके बुलाया गया जब मैं तहसील पहुंच तो नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार मुझे तहसीलदार के कार्यालय में ले गए जहां मुझे तहसीलदार के सामने ही गाली गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया गया एवं मुझे मुकदमा लिख कर जेल भेजने की धमकी देने के साथ ही जूते से मार देने की धमकी दी गई तथा अनुसूचित जाति शब्दों का प्रयोग भी किया गया तथा धक्के देकर मुझे तहसील से बाहर कर दिया।
पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह न्याय पाने के लिए 20 मार्च 2025 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली तथा मुख्यमंत्री को पूर्व में भी न्याय दिलाए जाने के लिए अपनी गुहार लगा चुका है गुहार में उसने न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की धमकी भी दी जा चुकी है इसके बावजूद भी तहसील प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी उसे न्याय दिलाने के लिए उसका उत्पीड़न कर रहे हैं।
पीड़ित वृद्ध सियाराम ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ तथा राजस्व बोर्ड लखनऊ सहित कई अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर भूमाफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही न होने तथा नायब तहसीलदार के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के लिए तहसील परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है उसने कहा कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह कभी भी तहसील पर सरकारी में आत्मदाह करने के लिए बेहोश होगा जिसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन के अधिकारियों की होगी। वृद्ध सियाराम की तहसील प्रशासन को न्यायालय मिलने पर दी गई धमकी से तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

