Amroha News-गजरौला: स्थानीय जुबिलेंट फैक्ट्री (Jubilant Factory) द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण और स्थानीय लोगों को रोजगार न देने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) का गुस्सा फूट पड़ा है। फैक्ट्री के सामने आयोजित एक विशाल महापंचायत में किसानों ने दूषित हवा और जहरीले पानी के मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। आक्रोशित किसानों द्वारा रोड जाम और फैक्ट्री की तालाबंदी की चेतावनी के बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के ठोस आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
महापंचायत में उठे ये मुख्य मुद्दे:
फैक्ट्री द्वारा छोड़े जा रहे जहरीले पानी से भूमिगत जल का प्रदूषित होना।
दूषित हवा और पानी से किसानों की फसलों और सेहत पर हो रहा सीधा प्रहार।
औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को फैक्ट्री में रोजगार न देना।
सीएसआर (CSR) फंड का किसानों की बजाय अन्य जगहों (गेस्ट हाउस आदि) पर दुरुपयोग।
‘विकास नहीं, विनाश की कगार पर पहुंचा किसान’
महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू (संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने जुबिलेंट प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गजरौला के औद्योगिक क्षेत्र से यहां के किसानों का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। औद्योगिक विकास के नाम पर किसान विनाश की कगार पर पहुंच गया है।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “फैक्ट्री के कर्मचारियों ने इस क्षेत्र से दुश्मनी निकालने का काम किया है। भूजल जहरीला होने के बावजूद कंपनी जमीन में प्रदूषित पानी डालना बंद नहीं कर रही है। किसानों के हिस्से का सीएसआर (CSR) फंड उनके हक में न लगाकर, बड़े-बड़े मंत्रियों को गेस्ट हाउस में बुलाकर उनकी सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है।”
एसडीएम के आश्वासन पर टला चक्का जाम
किसानों के भारी आक्रोश और तालाबंदी की घोषणा को देखते हुए जिले के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। संयुक्त मोर्चे की कार्यकारिणी और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता हुई। एसडीएम धनौरा, विभा श्रीवास्तव ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए गांवों में शुद्ध पानी के लिए आरओ प्लांट (RO Plant) लगवाने और खेतों की सिंचाई के लिए 500 फीट गहरे समरसेबिल लगवाने की जिम्मेदारी ली। पानी की ठोस व्यवस्था के इस आश्वासन के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
एक महीने का सख्त अल्टीमेटम
राष्ट्रीय मुख्य सचिव अरुण सिद्धू ने प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक महीने के अंदर किसानों को शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो ठीक एक महीने बाद इसी स्थान पर दोबारा महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके बाद बिना किसी चेतावनी के रोड जाम किया जाएगा और फैक्ट्री पर तालाबंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
ये रहे उपस्थित: इस विशाल महापंचायत की अध्यक्षता प्रकाश सिंह सैनी ने की और सफल संचालन राष्ट्रीय मुख्य सचिव अरुण सिद्धू द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिपाल सिंह, राष्ट्रीय महासचिव दलजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण चौहान, मंडल अध्यक्ष एहसान अली, ओम प्रकाश सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, शान चौधरी, मुनीश सलमानी, आदिल चौधरी, होमपाल सिंह, हाजी एहसान, सोमपाल सिंह, सुरेश सिंह, मोहित चौधरी, विजय सिंह, अमरजीत देवल, अब्दुल रशीद और पृथ्वी सिंह सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

