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Amroha News-जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक, यूरिया-DAP के साथ जबरन ‘टैगिंग’ की तो खैर नहीं!

On: April 5, 2026 9:36 AM
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Amroha News-अमरोहा: जनपद अमरोहा के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। फसल बुवाई के सीजन में खाद की किल्लत की किसी भी अफवाह पर विराम लगाते हुए जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जिले में उर्वरकों (Fertilizers) की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही, खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और किसानों को जबरन अन्य उत्पाद थमाने (टैगिंग) वाले विक्रेताओं को सख्त चेतावनी जारी की गई है।

जिले में कितना है खाद का स्टॉक?

जिला कृषि अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 04 अप्रैल 2026 तक जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है:

  • यूरिया (Urea): 12,440 मीट्रिक टन

  • डी.ए.पी. (DAP): 2,721 मीट्रिक टन

  • एन.पी.के. (NPK): 7,518 मीट्रिक टन

‘टैगिंग’ पर रोक और रसीद देना अनिवार्य

कृषि विभाग ने जिले के सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद केवल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही बेची जाए।

  • जबरन टैगिंग पर पाबंदी: अनुदानित उर्वरकों (जैसे यूरिया/डीएपी) के साथ किसी भी किसान को जबरन गैर-अनुदानित उर्वरक या अन्य उत्पाद (टैगिंग) नहीं बेचे जाएंगे।

  • स्टॉक और रसीद: विक्रेताओं को माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर का पूरा रिकॉर्ड अपनी स्टॉक और बिक्री पंजिका (रजिस्टर) में दर्ज करना होगा। किसानों को खाद बेचने के बाद पक्की रसीद देना अनिवार्य है। औचक निरीक्षण के दौरान यदि स्टॉक और बिक्री रजिस्टर में हेराफेरी मिली, तो कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रति हेक्टेयर तय की गई खाद की लिमिट

किसानों को उनकी जोत और कृषि भूमि के आधार पर ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी। एक फसल सीजन में प्रति हेक्टेयर भूमि पर अधिकतम 07 बैग यूरिया और 05 बैग डीएपी ही उपलब्ध कराई जाएगी। खाद की बिक्री अनिवार्य रूप से पी.ओ.एस. (POS) मशीन के माध्यम से ही की जाएगी।

डीएम के निर्देश पर निगरानी टीमें तैनात

खाद वितरण को पारदर्शी बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अमरोहा की जिलाधिकारी (DM) ने कड़ा रुख अपनाया है। ओवररेटिंग, कालाबाजारी और तस्करी पर पैनी नजर रखने के लिए तहसील स्तर, विकास खंड स्तर और न्याय पंचायत स्तर पर विशेष अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।

जिला कृषि अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी खुदरा उर्वरक विक्रेता द्वारा इन निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ ‘उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985’ और ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के सख्त प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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