Amroha News-अमरोहा/गजरौला: भूजल के लगातार जहरीले होने और क्षेत्र में फैल रही कैंसर जैसी घातक बीमारियों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) का गुस्सा फूट पड़ा है। एनएच-9 (NH9) के किनारे नाईपुरा शाहबाजपुर डोर में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 92वें दिन भी पूरे आक्रोश के साथ जारी रहा। रविवार को धरना स्थल पर उग्र किसानों ने जुबिलेंट (Jubilant) कारखाने पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसका पुतला दहन किया और आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया।
‘कैंसर और हार्ट अटैक की आ चुकी है बाढ़’
धरना स्थल पर पहुंचे भाकियू (संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कारखाने के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि गजरौला क्षेत्र में जुबिलेंट कारखाने के कारण भूजल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है, जिससे किसानों और आम लोगों की असमय मौत हो रही है। लोगों के लिवर और किडनी खराब हो रहे हैं और क्षेत्र में कैंसर व हार्ट अटैक की बाढ़ सी आ गई है।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कारखाने ने जमीन में जहरीला पानी डालना बंद नहीं किया है। जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार इस कारखाने के सामने बिल्कुल बौने नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में यहां इंसान नहीं बचेंगे, सिर्फ यह कारखाना बचेगा, जिसके मालिक विदेशों से पानी मंगाकर पीते हैं और हमारे किसानों को यह जहरीला पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।”
नरेश चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र के किसानों का पलायन रोकने के लिए संगठन को जुबिलेंट कारखाने पर ताला भी लगाना पड़ा, तो वे इससे पीछे नहीं हटेंगे।
29 मार्च को होगी आर-पार की ‘महापंचायत’
इस मौके पर चौधरी महिपाल सिंह (संभल) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद का प्रमाण पत्र सौंपकर मनोनीत किया गया। नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिपाल सिंह ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसका उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी 29 मार्च (रविवार) को जुबिलेंट कारखाने के ठीक सामने एक विशाल ‘महापंचायत’ बुलाई गई है। इस महापंचायत में सभी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को तलब कर कारखाने के खिलाफ ठोस कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी।
‘जल ही जीवन है’ के नारे पर उठाए सवाल
प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण चौहान ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “सरकार का नारा है कि जन-जन तक शुद्ध जल पहुंचाया जाएगा, लेकिन गजरौला में लाखों किसान कारखाने का जहरीला जल पीने को मजबूर हैं। इसे अब और सहन नहीं किया जाएगा।”
धरने में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति: इस उग्र प्रदर्शन और धरने में राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ भारी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से मंडल अध्यक्ष अहसान अली, भूखन सिंह, कलुआ सिंह, गंगाराम सिंह, होमपाल सिंह, हाजी नन्नू सैफी, पृथ्वी सिंह, सुखराम सिंह, समर पाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, आलम चौधरी, मुनीश सलमानी, अंकित सिंह, धनीराम सिंह, इमामुद्दीन, विजेंद्र सिंह, विजय सिंह, प्रेम सिंह, सुमित्रा देवी, मुन्नी देवी, नूरजहां, गणसी देवी, कैलाश देवी, रेशमा देवी और सकीना चौधरी आदि शामिल रहे।

