Amroha News- अमरोहा (गजरौला) | क्राइम डेस्क अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र से सोमवार देर रात एक बड़ी वारदात सामने आई है। तिगरी मार्ग पर स्थित एक कैंटीन संचालक पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित का आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद युवकों ने उसकी कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस इस मामले को संदिग्ध मान रही है और प्रथम दृष्टया इसे गोलीकांड के बजाय मारपीट का मामला बता रही है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम कुमराला निवासी भूपेंद्र उर्फ भोला तिगरी मार्ग पर पक्के पुल के पास शराब के ठेके के नजदीक अपनी कैंटीन चलाते हैं।
देर रात का विवाद: सोमवार रात करीब 10 बजे भूपेंद्र अपनी दुकान पर बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान कुछ युवक कैंटीन पर पहुंचे और किसी बात को लेकर भूपेंद्र से उलझ गए।
गोली मारने का आरोप: पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों में से एक युवक ने भूपेंद्र की कनपटी पर अवैध तमंचा सटाकर फायर कर दिया।
फरार हुए आरोपी: कथित तौर पर गोली लगने से भूपेंद्र लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े, जबकि आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गजरौला पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ भूपेंद्र को तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है। घटना की खबर मिलते ही पीड़ित के परिजन भी बदहवास हालत में अस्पताल पहुंच गए।
पुलिस का रुख: “गोली नहीं, मारपीट का है मामला”
इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का बयान पीड़ित के दावों से अलग है। गजरौला थाना प्रभारी निरीक्षक (SHO) मनोज कुमार ने बताया कि:
प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह मामला गोली मारने का नहीं, बल्कि आपसी मारपीट का प्रतीत हो रहा है।
कैंटीन संचालक निश्चित रूप से घायल है, लेकिन उसकी चोट की वास्तविक प्रकृति (Nature of Injury) की डॉक्टरी जांच की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चोट गोली लगने से आई है या किसी भारी वस्तु से प्रहार के कारण।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

