मुंबई | गिरजा शंकर अग्रवाल सिनेमा हमेशा से समाज का आईना रहा है, और इस बार यशबाबू एंटरटेनमेंट की आगामी फिल्म ‘टूवे’ (2 WAY) समाज के एक ऐसे अनछुए और संवेदनशील विषय को पर्दे पर ला रही है, जिस पर आमतौर पर बात करने से बचा जाता है। यह फिल्म समानता की आड़ में पनप रही विकृत मानसिकता और पुरुषों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों (Male Rape) पर कड़े सवाल खड़े करती है। विजय खेपर के निर्देशन में बनी यह फिल्म देशभर के सिनेमाघरों में 6 मार्च 2026 को रिलीज होने जा रही है।
कथानक: जब समानता के नाम पर पार हुईं सारी हदें
फिल्म की कहानी इस विचार पर प्रहार करती है कि लड़कियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। यह सच है कि कई क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों से बेहतर हैं, लेकिन समाज के एक वर्ग में यह विकृत सोच भी पनप रही है कि बराबरी दिखाने के लिए जुआ, नशा और यौन अपराध जैसे घिनौने कृत्य भी किए जाएं।
कहानी ऐसी ही तीन बिगड़ैल लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने परिवार की गलत तरीकों से कमाई गई दौलत और ताकत के नशे में चूर हैं। अपनी हदों को पार करते हुए ये लड़कियां एक शरीफ और मासूम लड़के का बलात्कार कर देती हैं।
कानून और समाज के दोहरे मापदंडों की कहानी
फिल्म समाज की उस कड़वी सच्चाई को दिखाती है जहाँ एक लड़के के साथ हुए यौन शोषण पर कोई यकीन नहीं करता। जब वह इंसाफ के लिए पुलिस और अदालत का दरवाजा खटखटाता है:
शुरुआती संघर्ष: कोई भी उसकी बात सुनने को तैयार नहीं होता। जो सुनता भी है, वह लड़कियों के रसूखदार परिवार का नाम सुनकर पीछे हट जाता है।
पुलिस की एंट्री: कहानी में मोड़ तब आता है जब इंस्पेक्टर हीरा और हवलदार मोती चाचा इस मामले में एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी चिंकी (जिमी की बेटी और एडवोकेट रोनी की भतीजी) और उसकी सहेलियों को गिरफ्तार करने उनके घर पहुँचते हैं।
रिश्वत और धमकियां: सिस्टम को खरीदने की कोशिश में एडवोकेट रोनी पुलिस को भारी रिश्वत का लालच देता है। वहीं, पीड़ित लड़के को शहर छोड़ने की धमकी दी जाती है।
लड़के को यह डराया जाता है कि भारत में ऐसा कोई कानून ही नहीं है जो किसी महिला को पुरुष के बलात्कार की सजा दे सके। फिल्म यही ज्वलंत सवाल पूछती है— क्या एक मासूम लड़का समाज में हंसी का पात्र बनकर रह जाएगा, या उन लड़कियों को उनके किए की सजा मिलेगी?
यशबाबू एंटरटेनमेंट की सातवीं पेशकश; दमदार है स्टार कास्ट
यह यशबाबू एंटरटेनमेंट के बैनर तले आ रही सातवीं फिल्म है। फिल्म की कास्टिंग में बॉलीवुड और टीवी जगत के कई जाने-माने चेहरे शामिल हैं:
मुख्य कलाकार: गुरलीन चोपड़ा, मिलिंद गुणाजी, सुधा चंद्रन, विजय पाटकर, पंकज बेरी।
अन्य अहम भूमिकाएं: देवयांशी डे, डी. रंधावा, मन्नत सिंह, नेहा वर्मा, अर्चना गोल्डस्मिथ, जानवी सांगवान, विजय खेपर, राजिन्दर वर्मा, आरव वधवा और जीतराय दत्त संदीप सिंघल।
पर्दे के पीछे की टीम: फिल्म की कहानी और निर्देशन की कमान विजय खेपर ने संभाली है, जबकि इसका कॉन्सेप्ट, क्रिएटिव डायरेक्शन और निर्माण राजिन्दर कुमार वर्मा द्वारा किया गया है।
दर्शकों को अब 6 मार्च का बेसब्री से इंतजार है, जब यह फिल्म बड़े पर्दे पर आकर समाज के कई स्थापित नियमों को चुनौती देगी।

