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संदिग्धों की खोज में घर-घर चेकिंग, डिलीवरी बॉय से लेकर पीजी तक सबकी होगी जांच 

On: February 15, 2026 9:47 PM
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cm dami
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देहरादून-उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने पूरे प्रदेश में संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ा नियंत्रण करने के लिए सघन सत्यापन अभियान चला दिया है। यह अभियान हर जिले में सर्किल, थाना और चौकी स्तर पर चल रहा है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने साफ कहा है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराया देने या संदिग्धों को शरण देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। अब कोई भी संदिग्ध आसानी से छिप नहीं पाएगा।

अभियान के तहत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट, आश्रम, धर्मशाला, किराए के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल और गेस्ट हाउस में रहने वाले हर व्यक्ति की जांच होगी। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकरों का भी सत्यापन किया जाएगा। उनके जरिए हुए किराया समझौतों की भी छानबीन होगी ताकि कोई गड़बड़ी न छूटे।

डिलीवरी एजेंट, कैब ड्राइवर और सिक्योरिटी गार्ड पर फोकस

पुलिस ने होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे Amazon, Zomato, Blinkit से जुड़े डिलीवरी एजेंटों का विशेष सत्यापन शुरू कर दिया है। सिक्योरिटी एजेंसी के स्टाफ, कैब संचालकों और इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने वाले ठेकेदारों की भी गहन जांच होगी। इन सभी की पहचान और बैकग्राउंड चेक को प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि ये लोग रोज हजारों घरों में जाते हैं।

अभियान में आधुनिक तकनीक का खूब इस्तेमाल हो रहा है। संदिग्धों की पहचान के लिए National Intelligence Grid (NATGRID), CCTNS, ICJS जैसे केंद्रीय डाटाबेस और अन्य सुरक्षा पोर्टलों से जानकारी मिलाई जा रही है। इससे सटीक और तेज विश्लेषण हो पा रहा है।

अवैध घुसपैठियों पर कड़ी नजर

अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों, खासकर अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों और वीजा खत्म होने के बाद भी ठहरे विदेशी नागरिकों की तलाश तेज हो गई है। उनकी पहचान होते ही संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मकसद है कि ऐसे तत्व प्रदेश में शांति भंग न कर सकें।

सीसीटीवी और सुरक्षा की जांच हर जगह

प्रदेश के सभी रिहायशी इलाकों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर और सैलून में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की जांच होगी। कैमरे काम कर रहे हैं या नहीं, रिकॉर्डिंग सही हो रही है या नहीं – सब चेक किया जाएगा। तैनात सुरक्षा गार्डों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें जरूरी सुरक्षा ब्रीफिंग भी दी जाएगी।

एकल रहने वाले नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों की खास पहचान की जा रही है। उनकी सुरक्षा का आकलन होगा। उनके घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर और अन्य मददगारों का भी अनिवार्य वेरिफिकेशन होगा।

संयुक्त टीमों से होगी कार्रवाई

यह अभियान जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी और एसटीएफ की संयुक्त टीमों से चलाया जा रहा है। मिली सूचनाओं का विश्लेषण कर जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल किया जाएगा। हर थाने में स्पेशल फील्ड टीम बनाई गई है। सीओ से लेकर आईजी रेंज तक नियमित समीक्षा हो रही है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए है। पूरे अभियान की मॉनिटरिंग हो रही है और हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों से बिल्कुल सख्ती से निपटा जाएगा।

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