खेत पर गए थे कैलाश, वापस लौटा सिर्फ शव
घटना अलीपुर कलां गांव की है। 55 वर्षीय किसान कैलाश गुरुवार सुबह अपने खेत पर काम करने गए थे। जब दोपहर बीत जाने के बाद भी वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। भाई कौशल और अन्य ग्रामीणों ने तलाश शुरू की, तो खेत के बीचों-बीच कैलाश का खून से लथपथ शव देखकर सबके होश उड़ गए।
पुलिस और वन विभाग में ठनी: हमला या हार्ट अटैक?
घटना की सूचना मिलते ही सीओ अवधभान सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का मुआयना करने के बाद चौंकाने वाला बयान दिया।
- पुलिस का दावा: सीओ के मुताबिक, किसान के माथे पर पंजे के तीन निशान मिले हैं, जो प्रथम दृष्टया तेंदुए के हमले की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि हमले के डर से किसान को हार्ट अटैक आया होगा।
- वन विभाग का इनकार: दूसरी ओर, डीएफओ नरेश जोशी ने तेंदुए के हमले की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका तर्क है कि तेंदुआ हमेशा गर्दन पर वार करता है, जबकि मृतक की गर्दन सुरक्षित है। विभाग अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश: “वन विभाग की लापरवाही ने ली जान”
मृतक के भतीजे सुधाकर सिंह और अन्य ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में आए दिन तेंदुआ देखा जाता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग ने पिंजरा नहीं लगाया। ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया कि अगर समय रहते तेंदुए को पकड़ लिया जाता, तो आज कैलाश जिंदा होते।
इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद अलीपुर कलां और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा है। लोग अब अकेले खेतों में जाने से डर रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह मौत तेंदुए के हमले से हुई या किसी और वजह से।

