सिपाही को गोली मारने में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक, दरोगा समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज
बदायूं। उझानी में करीब पांच साल पहले कोतवाली परिसर में गोलीकांड में सिपाही और दरोगा के घायल होने के मामले में नया मोड़ आ गया है।इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक, दरोगा समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।दरोगा रामऔतार पीलीभीत, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह इन दिनों रामपुर जिले में तैनात है।

कोतवाली में तैनात सिपाही ललित कुमार की पत्नी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि दरोगा (वरिष्ठ उप निरीक्षक) रामऔतार सिंह उससे अश्लील कमेंट और गंदे इशारे किया करते थे। सिपाही ने इसकी शिकायत दरोगा से की थी।कहासुनी के दौरान दरोगा ने उनके पति को देख लेने की धमकी दी थी।आरोप है कि इसके दूसरे दिन महिला का सिपाही पति जब तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह से उच्चाधिकारियों से मिलने के लिए अनुमति मांगने पहुंचा तो फिर कहासुनी हो गई।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने पहले से मौजूद दरोगा को उकसा दिया। दरोगा और एक अन्य अज्ञात आरोपी ने सिपाही ललित की रायफल छीन ली। उसी रायफल से दरोगा ने पहले ललित को गोली मारी, फिर परिसर में हवाई फायरिंग करते हुए खुद को गोली मार ली।
आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक के कहने पर सिपाही को फंसाने के लिए दरोगा ने खुद को घायल कर लिया था।आरोप है कि महिला की शिकायत के बाद भी कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। उस वक्त उनके शिकायती पत्रों पर भी गौर नहीं किया गया। अब इ स मामले में उझानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है। बता दें कि आरोपी दरोगा रामऔतार इन दिनों पीलीभीत और तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह रामपुर जिले में तैनात है।
यह था पूरा मामला, दरोगा के गुप्तांग में लगी थी गोली:-करीब पांच साल पहले कोतवाली परिसर में हुए गोलीकांड में घायल दरोगा रामऔतार सिंह और सिपाही ललित कुमार का कई दिन तक हायर सेंटरों पर इलाज चला था। दरोगा के गोली गुप्तांग के पास तो सिपाही के कंधे के पास लगी थी। सिपाही ललित कुमार के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। बाद में उसे बर्खास्त कर दिया गया था। बहाली के बाद वह पुलिस लाइन में तैनात है।
दो महीने पहले एडीजी ने किया था हकीकत पर गौर:-गोलीकांड को लेकर आरोप और प्रत्यारोप का दौर कई बार चला। दो महीने पहले एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने कोतवाली आकर घटना से जुड़े अभिलेखों पर गौर किया था। घटना के समय कोतवाली में तैनात कुछे पुलिस कर्मियों और विवेचक से भी पुलिस अफसरों ने जानकारी की थी। माना जा रहा है कि एडीजी का दौरा सिपाही की पत्नी की शिकायत के कारण हुआ था।
मामले की जांच उच्चाधिकारियों द्वारा की गई है। इसमें दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।विवेचना के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। – देवेंद्र कुमार, सीओ उझानी रिपोर्ट- जयकिशन सैनी

