आजकल AI फोटो एडिटिंग टूल्स काफी लोकप्रिय हैं। Apple के AI फोटो रिमूवल फीचर की तुलना में Android बेहतर प्रदर्शन करते हैं, क्योंकि Apple अपनी प्राइवेसी पॉलिसी के कारण सभी AI कार्य डिवाइस पर ही करता है, जिससे डेटा सुरक्षित रहता है। जबकि एंड्रॉइड में डेटा सर्वर पर भेजा जाता है, जिससे प्राइवेसी का खतरा होता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि Apple का यह दृष्टिकोण भविष्य में यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा।
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क्यों AI फोटो रिमूवल में Apple पीछे?
दरअसल, एपल अपने सभी AI टास्क ऑन-डिवाइस कम्पलीट करता है। इसका मतलब है कि जब भी कोई यूजर फोटो से किसी ऑब्जेक्ट या बैकग्राउंड को रिमूव करने की ट्राई करता है, तो पूरा प्रोसेस उसके iPhone या iPad पर ही कम्पलीट होता है। इससे यूजर की डेटा प्राइवेसी सेफ रहती है। एपल का फोकस शुरुआत से ही प्राइवेसी पर रहा है। कंपनी इस बात का खास ध्यान रखती है कि कहीं यूजर की फोटो या कोई भी निजी जानकारी किसी अन्य कंपनी के सर्वर तक न चली जाए। यही वजह है कि एपल के AI फोटो रिमूवल फीचर में थोड़ी देरी या लिमिटेशन देखने को मिल सकती है।

